पश्चिम बंगाल में मदरसों का सर्वे शुरू, पूछे जाएंगे ये 8 सवाल – AajTak

Feedback
पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार ने मदरसों का सर्वे शुरू करने का निर्देश दिया है. इसमें उनके कामकाज, बुनियादी ढांचे और कानूनी स्थिति के बारे में पूरी जानकारी मांगी गई है. सभी जिला मजिस्ट्रेट्स को इस बारे में 5 जुलाई तक विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है.
अधिकारियों ने कहा कि इस सर्वे से सरकार को यह पता लगाने में भी मदद मिलेगी कि क्या सभी संस्थान मौजूदा नियमों के अनुसार चल रहे हैं और उनके पास जरूरी दस्तावेज हैं या नहीं.
यह कदम राज्य में बीजेपी के सत्ता में आने के एक महीने बाद उठाया गया है, जिसने 15 साल तक शासन करने वाली टीएमसी को सत्ता से बेदखल कर दिया था.
मदरसों से पूछे जाने वाले सवाल क्या होंगे
अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग द्वारा 5 जून को जारी एक नोटिफिकेशन के मुताबिक, जिला प्रशासन से मदरसों की जगह, उनके स्थापना के वर्ष, रजिस्ट्रेशन की जानकारी, वैध दस्तावेज़ों की उपलब्धता और छात्रों, शिक्षकों व गैर-शिक्षण कर्मचारियों की संख्या के बारे में डेटा इकट्ठा करने को कहा गया है.
रिपोर्ट में यह भी बताना होगा कि संस्थान आवासीय हैं, निजी तौर पर सहायता प्राप्त हैं या बिना सहायता वाले हैं, और पढ़ाए जा रहे कोर्स की जानकारी भी देनी होगी.
राज्य सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस कवायद का मकसद एक अपडेटेड डेटाबेस बनाना है ताकि मदरसा शिक्षा क्षेत्र में भविष्य की योजना बनाने में आसानी हो.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारी ने बताया, ‘इसका मकसद प्रशासनिक है. सरकार राज्य में मदरसा शिक्षा की पूरी तस्वीर चाहती है ताकि वेरिफाइड जानकारी के आधार पर भविष्य की नीतियां, छात्रों के कल्याण के उपाय और रखरखाव से जुड़े फैसले लिए जा सकें.’
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इस जानकारी का इस्तेमाल शैक्षिक सुविधाओं की समीक्षा करने, विकास संबंधी पहलों की योजना बनाने और पूरे क्षेत्र में संस्थागत प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा.
अधिकारी ने कहा, ‘जिला-वार रिपोर्ट से हमें रिकॉर्ड और नियमों के पालन में अगर कोई कमी है, तो उसका पता लगाने में मदद मिलेगी. एक बार यह कवायद पूरी हो जाने के बाद, नतीजों के आधार पर उचित फैसले लिए जाएंगे.’
प्रशासन के सूत्रों ने संकेत दिया कि समीक्षा के दौरान पाई गई किसी भी अनियमितता या अनधिकृत गतिविधि की अलग से जांच की जाएगी, हालांकि मदरसों द्वारा अपनाए जा रहे मौजूदा शैक्षणिक ढांचे या पाठ्यक्रम को बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है.
गौरतलब है कि बीजेपी सरकार ने हाल ही में राज्य भर के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ मदरसों में भी सुबह की प्रार्थना के दौरान ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News