पश्चिम बंगाल से घुसपैठियों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू, शुभेंदु सरकार ने लागू किया CAA – AajTak

Feedback
पश्चिम बंगाल सरकार ने बुधवार से राज्य में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act- CAA) लागू करने का फैसला किया है.  मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसके साथ ही CAA के तहत अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को खिलाफ तत्काल डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की.  
सीएम शुभेंदु ने कहा कि पिछली सरकार ने CAA का विरोध किया था. हमने आज (बुधवार, 20 मई) से इस कानून को लागू कर दिया है. CAA के अनुसार 7 समुदायों या धर्मों के लोगों को नागरिकता मिलेगी. जो लोग इसके दायरे में नहीं आएंगे उन्हें राज्य की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाएगा. उन्हें BSF के हवाले कर दिया जाएगा. BSF उन्हें वापस भेजने की व्यवस्था करेगी. 
सीएम ने कहा कि यह ‘पता लगाओ, हटाओ, वापस भेजो’ यानी कि Detect, Delete, Deportation फ्रेमवर्क का हिस्सा है.  
सीएम शुभेंदु ने कहा कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) के दायरे में आने वाले समुदाय नई व्यवस्था से बाहर रहेंगे, जबकि घुसपैठियों के तौर पर पहचाने गए अन्य लोगों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में कहा, “पिछले साल 14 मई को केंद्र सरकार ने राज्य को एक पत्र भेजा था, जिसमें घुसपैठियों को सीधे BSF के हवाले करने की बात कही गई थी. लेकिन पिछली सरकार इस महत्वपूर्ण प्रावधान को लागू करने में नाकाम रही. अब हमने इसे लागू कर दिया है.”
पश्चिम बंगाल में गठित नई सरकार के सीएम शुभेंदु ने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने CAA का विरोध किया था और केंद्र द्वारा प्रस्तावित व्यवस्था को लागू करने में भी नाकाम रही थी.
अधिकारी ने कहा, “एक तरफ पिछली सरकार ने CAA का विरोध किया, और दूसरी तरफ उसने इस अहम प्रावधान का इस्तेमाल नहीं किया. आज हम इसे लागू कर रहे हैं.”
शरणार्थियों को कानूनी सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के बीच फ़र्क बताते हुए मुख्यमंत्री ने CAA के प्रावधानों का ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, “CAA के तहत इसमें शामिल समुदायों के नाम बताए गए हैं, और जो लोग 31 दिसंबर, 2024 तक (भारत) आए हैं, वे सुरक्षित हैं, और पुलिस उन्हें हिरासत में नहीं ले सकती.”
नागरिकता कानून के तहत आने वाले समुदायों में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शामिल हैं, जो तय कट-ऑफ तारीख से पहले बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए भारत आए थे. 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग इस कानून के तहत नहीं आते उन्हें घुसपैठिया माना जाएगा. 
सीएम ने कहा कि इसके बाद BSF, BGB से बात करेगी और उन्हें वापस भेजने के लिए ज़रूरी कदम उठाएगी. यह कानून आज से लागू किया जा रहा है. 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बड़े प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को पहले ही निर्देश दे दिए गए हैं.
CM ने आगे कहा कि “हमने DGP और गृह सचिव को बता दिया है कि पश्चिम बंगाल और देश की सुरक्षा के लिए सीमावर्ती इलाकों के सभी पुलिस थानों में यह कानून लागू किया जाएगा.”
बीजेपी की बंगाल की राजनीति में बॉर्डर मैनेजमेंट और घुसपैठ का मुद्दा लंबे समय से फोकस में रहा है. इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल को ज़मीन सौंपना भी शुरू कर दिया है.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News