ईरान पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात के बाद अमेरिका के साथ अगले दौर की बातचीत पर फ़ैसला करेगा.
इफ़्तेख़ार अली, रौनक भैड़ा
अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा को दीजिए इजाज़त.
कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.
– आसिम मुनीर पहुंचे तेहरान, क्या पाकिस्तान फिर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू करा पाएगा?
– 'उम्मीद है युद्ध फिर न शुरू हो, लेकिन लगता है होगा': अमेरिका से बातचीत नाकाम होने पर ईरानियों की चिंता
– झारखंड: हाईकोर्ट के दख़ल के बाद आठ महीने से लापता छात्रा का कंकाल बरामद, थाना सस्पेंड
– ईरान युद्ध की वजह से कैसे दुनिया मंदी की चपेट में आ सकती है?
इमेज स्रोत, Government of Iran
ईरान पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात के बाद अमेरिका के साथ अगले दौर की बातचीत पर फ़ैसला करेगा.
यह जानकारी ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़ी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने एक 'जानकार सूत्र' के हवाले से दी है.
न्यूज़ एजेंसी ने कहा, "अगर अमेरिका और इसराइल लेबनान के साथ युद्धविराम समझौते पर सहमत होते हैं तो यह ईरान के अगले दौर की बातचीत के फ़ैसले के लिए सकारात्मक संकेत होगा."
हालांकि, एजेंसी ने यह भी बताया, "अमेरिका को बातचीत के लिए एक उचित सिद्धांतों का पालन करना होगा, अनावश्यक मांगों से रोड़ा नहीं लगाना चाहिए. युद्धविराम से पहले किए गए वादों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए."
न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि अमेरिकी मीडिया ने ख़बर दी है कि अमेरिका अगले दौर की बातचीत चाहता है.
दूसरी ओर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ सऊदी अरब के आधिकारिक दौरे पर जेद्दा पहुंचे हैं. उनके साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत की संभावना जताई जा रही है.
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ सऊदी के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय मुलाक़ात करेंगे. इस बैठक में पाकिस्तान-सऊदी अरब साझेदारी को और मज़बूत करने और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा होगी.
संबंधित कहानी: आसिम मुनीर पहुंचे तेहरान, क्या पाकिस्तान फिर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू करा पाएगा?
इमेज स्रोत, Rasid Necati Aslim/Anadolu via Getty Images
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने कहा है कि वह ईरान के साथ युद्ध में शामिल होने के लिए बनाए जा रहे दबाव में नहीं आएंगे.
उनकी यह टिप्पणी उस समय आई जब डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि पिछले साल तय हुई अमेरिका-यूके व्यापार डील की शर्तें कभी भी बदली जा सकती हैं.
यूके की संसद में बोलते हुए स्टार्मर ने सांसदों से कहा, "यह हमारा युद्ध नहीं है. मुझ पर अलग रास्ता अपनाने के लिए बहुत दबाव डाला गया है और उस दबाव में कल रात जो हुआ वह भी शामिल है."
उन्होंने आगे कहा, "मैं अपना मन नहीं बदलने वाला. मैं दबाव में नहीं झुकूंगा. हमारे राष्ट्रीय हित में इस युद्ध में शामिल होना नहीं है और हम ऐसा नहीं करेंगे. मुझे पता है मैं कहां खड़ा हूं."
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई दफ़ा ब्रिटेन और नेटो देशों की आलोचना कर चुके हैं, क्योंकि ये ईरान युद्ध में शामिल नहीं हुए.
इमेज स्रोत, Atul Kumar Yadav/ The India Today Group via Getty Images
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि सरकार अब जो प्रस्ताव ला रही है उसका महिला आरक्षण से कोई संबंध नहीं है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा, "कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण का पूरा समर्थन करती है. संसद ने 2023 में सर्वसम्मति से ये बिल पारित किया था, जो अब हमारे संविधान का हिस्सा है."
उन्होंने कहा, "सरकार अब जो प्रस्ताव ला रही है, उसका महिला आरक्षण से कोई संबंध नहीं है. वो सिर्फ़ परिसीमन के ज़रिए सत्ता हथियाने का प्रयास है."
राहुल गांधी ने कहा, "जाति जनगणना के आंकड़ों को दरकिनार कर ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों से किसी हालत में हिस्सा चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. हम दक्षिण, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम और छोटे राज्यों के साथ भी किसी क़ीमत पर अन्याय नहीं होने देंगे."
दरअसल, केंद्र सरकार ने मंगलवार को सांसदों को तीन ड्राफ़्ट बिल (मसौदा विधेयक) भेजे हैं. इनमें से दो में बड़े ऐतिहासिक बदलाव प्रस्तावित हैं.
पहला, लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करना.
दूसरा, संसद के निचले सदन यानी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करना.
संबंधित कहानी: 33% महिला आरक्षण और लोकसभा की सीटें 850 करने का प्रस्ताव- क्यों उठ रहे सवाल?
इमेज स्रोत, Fatemeh Bahrami/Anadolu via Getty Images
ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि उनका अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान चल रहा है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने बताया है कि पाकिस्तान अब भी मध्यस्थ बना हुआ है.
इस्माइल बक़ाई ने कहा, "इसकी प्रबल संभावना है कि ईरान आज पाकिस्तान से आए एक प्रतिनिधिमंडल की मेज़बानी करेगा. यह बातचीत इस्लामाबाद में हुई पिछली मुलाक़ात का आगे का हिस्सा होगी और इसमें ईरान और अमेरिका के रुख़ पर विस्तार से चर्चा होगी."
बक़ाई ने अमेरिका के उन आरोपों को ख़ारिज किया, जिनमें कहा गया था कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है.
बक़ाई ने आगे कहा, "अपनी ज़रूरतों के हिसाब से यूरेनियम संवर्धन जारी रखने में सक्षम होना चाहिए, लेकिन संवर्धन के टाइप और लेवल पर बातचीत की संभावना है."
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान से अगले दौर की बातचीत की संभावना जताई थी.
इमेज स्रोत, Morteza Nikoubazl/NurPhoto via Getty Images
ईरान ने कहा है कि अमेरिका नाकेबंदी जारी रखता है और ईरानी जहाज़ों के लिए असुरक्षा पैदा करता है तो युद्धविराम तोड़ा जा सकता है.
ख़ातम अल अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा, "अगर अमेरिका अपनी नाकेबंदी जारी रखता है और ईरान के व्यापारिक जहाज़ों और तेल टैंकरों के लिए असुरक्षा पैदा करता है, तो यह युद्धविराम तोड़ने की शुरुआत होगी."
अली अब्दुल्लाही ने कहा, "अमेरिका ऐसा करता रहा तो ईरान की सेना फ़ारस की खाड़ी, ओमान सागर और लाल सागर में किसी भी तरह का आयात-निर्यात नहीं होने देगी."
गौरतलब है कि अमेरिका की ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी सोमवार से शुरू हुई. बुधवार को अमेरिकी सेना ने कहा कि पहले 24 घंटे में कोई जहाज़ नाक़ाबंदी पार नहीं कर पाया.
जबकि ओमान की खाड़ी में छह व्यापारिक जहाज़ों को वापस लौटना पड़ा.
इमेज स्रोत, ANDREW CABALLERO-REYNOLDS / AFP via Getty Images
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया है कि उन्होंने चीन को एक पत्र लिखकर कहा था कि ईरान को हथियार न दें.
डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते दावा किया कि चीन ने ईरान को हथियार न भेजने पर सहमति जताई है.
डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले फ़ॉक्स न्यूज़ से कहा, "जब मुझे रिपोर्ट मिली कि चीन ईरान को हथियार दे रहा है, तो मैंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को एक चिट्ठी लिखी और ऐसा न करने को कहा."
ट्रंप ने बताया कि जिनपिंग ने जवाबी चिट्ठी लिखी और कहा कि चीन ऐसा नहीं कर रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप ने 2015 में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते को "सबसे ख़राब समझौता" बताया. उन्होंने कहा, "इस समझौते ने ईरान को परमाणु हथियार तक पहुंचने का छोटा रास्ता दिया."
ट्रंप ने यह भी कहा, "अगर अमेरिका ने पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों पर बम न गिराए होते तो ईरान इसराइल, उसके पड़ोसी देशों और अमेरिका पर परमाणु हथियार इस्तेमाल कर लेता."
ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार दिया गया तो "दुनिया तबाह हो जाएगी."
इमेज स्रोत, AFP PHOTO/ALEXANDER NEMENOV
अमेरिका आने वाले दिनों में मध्य पूर्व में हज़ारों सैनिकों को भेजने की योजना बना रहा है. यह जानकारी अमेरिकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट ने अधिकारियों के हवाले से दी है.
माना जा रहा है कि यह क़दम ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर दबाव बढ़ाने और समझौते तक पहुंचाने की कोशिश के रूप में उठा रहा है.
इसी तरह की रिपोर्ट समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने भी छापी है, लेकिन उसने कहा कि वह अभी तक इस रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाया है.
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत की संभावना ज़ाहिर की है.
इमेज स्रोत, VCG/VCG via Getty Images
चीन के विदेश मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को ख़ारिज किया है, जिनमें यह दावा किया गया था कि चीन ईरान को सैन्य मदद दे रहा है.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "चीन पर ईरान को सैन्य मदद देने का आरोप लगाने वाली मीडिया रिपोर्ट्स पूरी तरह झूठी हैं."
उन्होंने लिखा, "अगर अमेरिका इन आरोपों के आधार पर चीन पर टैरिफ़ बढ़ाता है, तो चीन भी जवाबी क़दम उठाएगा."
दरअसल, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर चीन ईरान को सैन्य मदद देता है, तो अमेरिका उसके सामान पर 50 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाएगा.
इसके जवाब में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ग्वा जाकुन ने सोमवार को कहा था "चीन ने हमेशा कहा है टैरिफ़ वॉर से किसी का भला नहीं होता."
इमेज स्रोत, Ravi Kumar/Hindustan Times via Getty Images
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है.
रिजल्ट चेक करने के लिए cbseresults.nic.in पर जा सकते हैं. इसके अलावा, उमंग ऐप या इसकी वेबसाइट पर जाकर चेक किया जा सकता है.
सीबीएसई बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में क़रीब 25 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे, इनमें 14 लाख के आसपास छात्र और 11 लाख के आसपास छात्राएं थीं.
यह परीक्षा देश के 8 हज़ार से अधिक सेंटर्स पर आयोजित की गई थी.
परीक्षा में पास होने के लिए थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट दोनों में न्यूनतम 33% अंक लाना ज़रूरी है.
इमेज स्रोत, FAYEZ NURELDINE/AFP via Getty Images
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ चार दिन की विदेश यात्रा पर जा रहे हैं. वो सऊदी अरब, क़तर और तुर्की का दौरा करेंगे.
यह जानकारी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने साझा की है. विदेश मंत्रालय ने बुधवार सुबह बताया कि शरीफ़ का सऊदी अरब और क़तर का दौरा "द्विपक्षीय संदर्भ" में होगा.
तुर्की में शहबाज़ शरीफ़ अंतालिया डिप्लोमेसी फ़ोरम में हिस्सा लेंगे और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन समेत अन्य नेताओं से मुलाक़ात करेंगे.
इमेज स्रोत, X/ForeignOfficePk
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत की संभावना जताई जा रही है.
हालांकि, इससे पहले ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही थी.
इससे पहले ट्रंप ने मंगलवार को न्यूयॉर्क पोस्ट के एक रिपोर्टर से कहा था कि इस्लामाबाद में अगले दो दिनों में कुछ हो सकता है.
संबंधित कहानी: ईरान से बातचीत के सवाल पर बोले ट्रंप, 'हम फिर इस्लामाबाद जाना चाहते हैं'
इमेज स्रोत, Majid Saeedi/Getty Images
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि अमेरिका या इसराइल की ओर से ईरान को झुकाने की कोशिशें नाकाम होंगी.
मसूद पेज़ेश्कियान ने बुधवार को तेहरान में इमरजेंसी सर्विसेज़ के अधिकारियों के साथ बैठक की.
बैठक में उन्होंने कहा, "ईरानी जनता कभी भी अमेरिका और इसराइल के ऐसे तरीक़े को स्वीकार नहीं करेगी. ईरान हमेशा अलग-अलग देशों के साथ अच्छे रिश्तों की ज़रूरत पर ज़ोर देता रहा है."
मसूद पेज़ेश्कियान के बयान ऐसे समय में आए हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरे दौर की बातचीत की संभावना जताई है.
ईरान के अधिकारियों या नेताओं ने सीधे तौर पर अब तक इस पर टिप्पणी नहीं की है.
हालांकि, सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से बताया था कि ईरान के पास आगे की बातचीत को लेकर "कोई जानकारी नहीं" है.
इमेज स्रोत, AFP via Getty Images
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित बातचीत को लेकर कहा है कि अगले दो दिनों में इस्लामाबाद में "कुछ हो सकता है."
यह बयान उस समय आया, जब कुछ घंटे पहले एक कूटनीतिक सूत्र ने ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए को बताया था कि आगे की बातचीत को लेकर "कोई जानकारी नहीं" है.
आईआरएनए के मुताबिक़, ईरान और पाकिस्तान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है. लेकिन अभी तक किसी नई बातचीत की पुष्टि नहीं हुई है. पाकिस्तान इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.
सूत्र ने कहा कि इस्लामाबाद में पहले हुई अमेरिका-ईरान वार्ता बिना किसी समझौते के ख़त्म होने के बाद भी पाकिस्तान अपनी मध्यस्थता की कोशिशें जारी रखे हुए है.
ट्रंप के ताज़ा बयान पर ईरान की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
गौरतलब है कि 8 अप्रैल को दो हफ़्ते का युद्धविराम घोषित किया गया था, जो 22 अप्रैल को ख़त्म होने वाला है.
नमस्कार!
अब तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.
– सम्राट चौधरी ने ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ, उनके साथ शपथ लेने वाले विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव कौन हैं?
– 33% महिला आरक्षण और लोकसभा की सीटें 850 करने का प्रस्ताव- क्यों उठ रहे सवाल?
– अरविंद केजरीवाल और जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़ा पूरा मामला क्या है?
– कभी आरजेडी में रहे सम्राट चौधरी कैसे बन गए बीजेपी की पहली पसंद?
– पाकिस्तान का यूएई का अरबों का कर्ज़ लौटाने का फ़ैसला, सऊदी अरब से क्या है कनेक्शन
इमेज स्रोत, ANI
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "बिहार में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में आपके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ देता हूँ."
अमित शाह ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में एनडीए जिस संकल्प भावना के साथ बिहार की जनता की दिन-रात सेवा कर रहा था, मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में उसे और भी गति मिलेगी."
उन्होंने कहा, "साथ ही, एक सुरक्षित और विकसित बिहार के निर्माण की दिशा में एनडीए की डबल इंजन सरकार और अधिक ऊर्जा के साथ कार्य करेगी."
इस पर बिहार के नए सीएम सम्राट चौधरी ने अमित शाह का धन्यवाद किया है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "देश के यशस्वी गृह मंत्री अमित शाह जी आपके कुशल नेतृत्व और अनुभव से ही बिहार को विकसित राज्य बनाएंगे."
इमेज स्रोत, ANI
आम आदमी पार्टी (आप) ने दावा किया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को अशोक मित्तल से जुड़े कारोबारी ठिकानों पर पंजाब में छापेमारी की है.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, 61 वर्षीय अशोक मित्तल एक कारोबारी और शिक्षाविद हैं. वे लवली ग्रुप के प्रमुख हैं, जिसमें इसी नाम का एक विश्वविद्यालय भी शामिल है.
पीटीआई ने अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया कि यह कार्रवाई फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) से जुड़े मामले में की गई है.
हाल ही में अशोक मित्तल को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में अपना डिप्टी लीडर बनाया है. उन्होंने इस पद पर राघव चड्ढा की जगह ली है.
इस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "बीजेपी की ओर से पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी में ईडी की रेड."
वहीं आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने लिखा, "मोदी जी ने पंजाब में चुनावों की तैयारी शुरू कर दी. लेकिन पंजाब के लोग ये बर्दाश्त नहीं करेंगे. बीजेपी को इसका करारा जवाब देंगे."
इमेज स्रोत, Alok Putul
छत्तीसगढ़ के सक्ती ज़िले में वेदांता पावर प्लांट में मरने वाले मज़दूरों की संख्या 20 हो गई है.
इस बीच राज्य सरकार ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं. इधर कांग्रेस पार्टी ने भी एक जांच दल बनाया है.
गौरतलब है कि मंगलवार की दोपहर सक्ति ज़िले के वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से लगभग तीन दर्जन मज़दूर बुरी तरह से झुलस गए थे. इनमें से 9 मज़दूरों की मौत कल हुई थी. जबकि इलाज के दौरान 7 अन्य मज़दूरों की मौत हो गई.
अभी तक मृतकों में से केवल चार की पहचान हो पाई है, जिनमें ठंडाराम, पप्पू कुमार, अमृत पटेल और बृजेश कुमार का नाम शामिल है. प्लांट प्रबंधन का कहना है कि मृतकों के शरीर जलने के कारण उनकी पहचान में मुश्किल हो रही है.
इस दुर्घटना में 36 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 12 छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं. शेष मज़दूर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के हैं.
लोगों को आरोप है कि इस पावर प्लांट में काम करने वाले कई लोग लापता हैं. प्रबंधन न तो उनकी जानकारी दे रहा है, न ही वे अस्पताल में भर्ती हैं. इसे लेकर कल रात से ही पीड़ित परिवार के सदस्य पावर प्लांट के सामने धरना दे रहे हैं.
इस बीच वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और नौकरी देने की घोषणा की है. घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे. प्रधानमंत्री राहत कोष से भी मृतकों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हज़ार रुपये दिए जाएंगे. राज्य सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये देने की घोषणा की है.
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का एलान किया है और घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे.
इससे पहले पीएमओ ने मुआवजे़ की घोषणा की थी. हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हज़ार रुपए दिए जाएंगे.
इमेज स्रोत, BJP4Bihar/X
बिहार के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद राज्य के पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी को बधाई दी है.
सम्राट चौधरी के सीएम बनने का रास्ता नीतीश कुमार के इस्तीफ़े से साफ़ हुआ था. नीतीश ने हाल ही में राज्यसभा की शपथ ली.
बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "आज बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने पर सम्राट चौधरी जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं."
उन्होंने लिखा, "मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में बिहार और तेज़ी से विकसित होगा और देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा."
इमेज स्रोत, Getty Images
आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट की जज स्वर्ण कांता शर्मा से शराब नीति मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने की मांग करते हुए एक अतिरिक्त हलफ़नामा दाखिल किया है.
लाइव लॉ के मुताबिक़, अपने हलफ़नामे में केजरीवाल ने कहा है कि जस्टिस शर्मा के बेटे और बेटी दोनों केंद्र सरकार के वकील के तौर पर पैनल में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि जस्टिस शर्मा के बच्चों को काम भारत के सॉलिसिटर जनरल की ओर से दिया जाता है, जो इस मामले में सीबीआई की ओर से पेश हुए थे.
केजरीवाल का कहना है कि इससे निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा होता है, इसलिए जस्टिस शर्मा को इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लेना चाहिए.
गौरतलब है कि 13 अप्रैल को जस्टिस शर्मा ने केजरीवाल और अन्य अभियुक्तों की उस याचिका पर फै़सला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें उनसे इस मामले की सुनवाई से अलग होने की मांग की गई थी. यह याचिका सीबीआई की उस पुनर्विचार याचिका से जुड़ी है, जिसमें सभी अभियुक्तों को मिली राहत को चुनौती दी गई है.
सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने खुद अपनी पैरवी करते हुए कहा था कि सोशल मीडिया पर जस्टिस शर्मा के बच्चों के केंद्र सरकार से पेशेवर संबंधों को लेकर चर्चा हो रही है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
© 2026 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.