पीएम मोदी ने आधा कर दिया अपना काफिला, SPG को खास निर्देश; देश पर मंडरा रहा ईंधन का संकट? – Hindustan Hindi News

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी खर्चों में कटौती की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। पीएम मोदी की पहल पर उनके आधिकारिक काफिले को अब छोटा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) को यह निर्देश दिया है कि उनके काफिले में शामिल कारों की संख्या को 50 प्रतिशत तक कम करने का प्रयास किया जाए। पीएम मोदी के इस कदम को सरकार के बाकी विभागों और मंत्रियों के लिए भी एक बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने यह भी इच्छा जताई है कि उनके सुरक्षा बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि इसके लिए कोई भी नई गाड़ी नहीं खरीदी जाएगी, ताकि किसी भी तरह के अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके।
एसपीजी ने पीएम के इन निर्देशों पर अमल करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि सुरक्षा से जुड़े ‘ब्लू बुक’ के अनिवार्य दिशानिर्देशों के साथ कोई समझौता न हो। सूत्रों ने बताया कि हाल ही में दिल्ली से बाहर पीएम मोदी के दौरों में उनका काफिला पहले की तुलना में छोटा नजर आया है।
पीएम मोदी ने यह पहल ऐसे समय में की है, जब रविवार को अपने हैदराबाद दौरे पर उन्होंने आम लोगों से ईंधन और सोने की खपत कम करने की अपील की थी। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री का खुद आगे आकर ऐसा करना पूरी सरकार के लिए एक इशारा है कि वे भी जल्द से जल्द इस दिशा में काम करें।
संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में सरकारी मंत्रालयों और विभागों में भी खर्चे कम करने के लिए कई कड़े कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत कुछ प्रमुख बदलाव देखने को मिल सकते हैं:
एक अधिकारी ने बताया कि सभी विभागों में उन कदमों को लेकर चर्चा चल रही है जिनसे ईंधन की खपत कम की जा सके। पीएम का संदेश हमारे सहित सभी के लिए है। हम कार्मिक विभाग के आधिकारिक पत्र का इंतजार कर रहे हैं कि हमें क्या करना चाहिए। हालांकि, हर विभाग को अपनी-अपनी योजना खुद बनानी होगी।
आपको बता दें कि सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों के एक अनौपचारिक समूह की बैठक हुई थी। इस बैठक में भी गैर-जरूरी यात्राओं में कटौती करके ईंधन का उपयोग कम करने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई है।
डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अमित न केवल समाचारों के त्वरित प्रकाशन में माहिर हैं, बल्कि वे खबरों के पीछे छिपे ‘क्यों’ और ‘कैसे’ को विस्तार से समझाने वाले एक्सप्लेनर लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं। डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों, जैसे कि कीवर्ड रिसर्च, ट्रेंड एनालिसिस और एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन को वे बखूबी समझते हैं। उनकी पत्रकारिता की नींव ‘फैक्ट-चेकिंग’ और सत्यापन पर टिकी है। एक मल्टीमीडिया पत्रकार के तौर पर अमित का सफर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ रहा है। उन्होंने अमर उजाला, वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे बड़े मीडिया घरानों के साथ काम किया है।
अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।
आरएसएसविज्ञापन र॓टहमार॓ साथ काम करेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT TeluguHT BanglaHT TamilHT MarathiHT AutoHealthshotsHT SmartcastFAB Play

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News