18वें ब्रिक्स सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिगपिंग शामिल होंगें. पुतिन भारत आ चुके हैं और शी जिगपिंग भी भारत पहुंचने वाले हैं. इनके साथ भारी सिक्योरिटी आ रही है. राष्ट्रपति के काफिले में दो भारी बख्तरबंद और खास तौर पर तैयार की गई सरकारी कारें भी शामिल हैं. दोनों ही गाड़ियां बहुत खास हैं. आइए आपको इन दोनों कार के बारे में बताते हैं.
पुतिन लेकर आए ये कार
पुतिन 11 सितंबर को भारत पहुंच चुके हैं. वो रूस में बनी ऑरस सीनेट में यात्रा कर रहे हैं. पुतिन 2018 से ऑरस सीनेट इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे पहले रूसी राष्ट्रपति पद के लिए मर्सिडीज-बेंज S 600 गार्ड पुलमैन का इस्तेमाल किया जाता था.
शी जिगपिंग होंगकी N701 का इस्तेमाल करेंगे
शी जिगपिंग 12 सितंबर को भारत आने वाले हैं. उनके चीन की होंगकी N701 कार का इस्तेमाल करने की उम्मीद है. ये मजबूत आर्मर और सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम का मेल है.
ऑरस सीनेट की क्या है खासियत
पुतिन की कार बहुत खास है. ये कार रूस के ‘कोर्टेज’ (Kortezh) प्रोजेक्ट के तहत बनाई गई थी, जिसका मकसद देश के बड़े अधिकारियों के लिए घरेलू स्तर पर गाड़ियां तैयार करना था. राष्ट्रपति की L700 कार लगभग सात मीटर लंबी है और इसका वजन कई टन है; इसका ज्यादातर वजन इसके आर्मर (सुरक्षा कवच) और सिक्योरिटी इक्विपमेंट की वजह से है. इसमें 4.4-लीटर का ट्विन-टर्बो V8 हाइब्रिड इंजन लगा है, जो लगभग 598 हॉर्सपावर की ताकत और 880 Nm का टॉर्क देता है. इसके साथ नौ-स्पीड वाला ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन और ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम दिया गया है.
सुरक्षा स्तर को रखा गया गुप्त
सुरक्षा के सटीक स्तर को गुप्त रखा गया है, लेकिन कहा जाता है कि सेनेट कार हाई-कैलिबर और आर्मर-पियर्सिंग (कवच भेदने वाली) गोलियों का सामना करने में सक्षम है. इसकी खिड़कियों में कई सेंटीमीटर मोटे, मल्टी-लेयर बुलेट-रेसिस्टेंट ग्लास का इस्तेमाल किया गया है. इसमें रन-फ्लैट टायर, मजबूत फ्यूल टैंक और धमाकों से बचाने के लिए अंडरबॉडी प्रोटेक्शन भी है. कहा जाता है कि पैसेंजर केबिन में केमिकल हमले की स्थिति में इस्तेमाल के लिए एक अलग ऑक्सीजन और फिल्ट्रेशन सिस्टम के साथ-साथ आग बुझाने वाले सिस्टम भी लगे हैं.
सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम की वजह से पुतिन यात्रा के दौरान अधिकारियों के संपर्क में रह पाते हैं. आम लोगों के लिए उपलब्ध ‘सेनाट’ (Senat) कार की कीमत लगभग 18 मिलियन रूबल यानी करीब 2.5 करोड़ रुपये है. पुतिन के प्रेसिडेंशियल वर्जन में अतिरिक्त सुरक्षा सिस्टम लगे हैं और यह आम बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है.
कैसी है होंगकी N701
शी जिगपिंग की कार ‘होंगकी’ (यानी ‘रेड फ़्लैग’) है. यह ब्रांड 1958 में ‘फर्स्ट ऑटोमोटिव वर्क्स’ ने चीन के राजनीतिक नेताओं के लिए कारें बनाने के लिए शुरू किया था. शुरुआत में, कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी और चीन आने वाले विदेशी नेता इसके मॉडल का इस्तेमाल करते थे. बाद में, जब चीन में विदेशी लग्जरी कार बनाने वाली कंपनियों का विस्तार हुआ, तो इस ब्रांड की अहमियत कम हो गई, लेकिन बाद में इसे एक प्रीमियम घरेलू ब्रांड के तौर पर फिर से शुरू किया गया.
अब शी की कड़ी सुरक्षा वाली यात्राओं में ‘होंगकी N701’ का इस्तेमाल होता है, हालांकि चीन ने इस लिमोजीन के बारे में बहुत कम आधिकारिक जानकारी दी है. माना जाता है कि N701 की लंबाई 18 फीट से ज्यादा और वजन तीन टन से अधिक है. इसमें मजबूत आर्मर, बुलेट-प्रूफ ग्लास और मजबूत बॉडीवर्क के साथ-साथ इंडिपेंडेंट लाइफ-सपोर्ट और सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम होने की बात कही जाती है.
कौन-सी कार है बेहतर
ऑरस (Aurus) की तरह ही, N701 के बेसिक मैकेनिकल स्पेसिफिकेशन भी ज्यादातर गुप्त रखे गए हैं. चीन ने इसके इंजन, पावर आउटपुट या बैलिस्टिक सुरक्षा के सटीक स्तर के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी है. इस लिमोज़ीन का उत्पादन बहुत सीमित संख्या में किया जाता है और यह निजी खरीदारों के लिए उपलब्ध नहीं है. दोनों ही कार बहुत ही शानदार हैं. राष्ट्रपति की सुरक्षा को देखते हुए इन्हें बनाया गया है.
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दीक्षा छाबड़ा ABP live.Com में सीनियर कॉपी एडिटर हैं. यहां ये न्यूज डेस्क का हिस्सा हैं. दीक्षा को देश, विदेश और एंटरटेनमेंट की दुनिया में काफी दिलचस्पी है. वो इन सभी के बारे में लिखती हैं. इन्हें पत्रकारिता के जगत में 9 साल पूरे हो चुके हैं. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ की थी. इसके बाद से ये इंडिया टीवी, टीवी9 जैसी संस्थाओं में एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर चुकी हैं. दीक्षा ने अपनी पढ़ाई इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट से की है.
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