कानपुर, प्रमुख संवाददाता। कानपुर के प्रणवपत सिंहानिया की करोड़ों की जमीन कौड़ियों के दाम खरीदने का कुचक्र अपार्टमेंट बनाने के लिए रचा गया। पिछले दो साल की कॉल डिटेल रिपोर्ट की जांच के बाद इस बात का खुलासा हुआ है। प्रणव की कोपरगंज की जमीन के एक तिहाई हिस्से का एग्रीमेंट भी इसी के चलते कराया गया। इस खेल के पीछे शहर के एक बड़े बिल्डर का हाथ है। सोमवार को पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक प्लानिंग के तहत पूर्णिमा दीक्षित के नाम प्रणव की संपत्ति की रजिस्ट्री कराई गई। उसे एक प्रापर्टी डीलर के जरिये संपत्ति बेची गई। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि प्रणवपत सिंहानिया की साढे तीन हजार वर्गगज की जिस जमीन की रजिस्ट्री छह करोड़ रुपए कराई गई थी, उस पर अपार्टमेंट बनाने की प्लानिंग थी लेकिन कब्जा न मिलने की वजह से आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। पुलिस आयुक्त ने बताया कि कुलदीप वर्मा नाम के प्रापर्टी डीलर ने दवा कारोबारी श्रीराम मिश्रा उर्फ रमित मिश्रा की बहन पूर्णिमा दीक्षित से जमीन का सौदा कराया था। वह कब्जा लेने गई लेकिन कब्जा नहीं मिला।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि कुलदीप आरोपी बिल्डर अनूप अस्थाना और उसके बेटे सुयश अके लिए काम करता था जबकि पिता-पुत्र शहर के नामी बिल्डर के लिए जमीनों की खरीद फरोख्त का काम करते थे। प्रणवपत की कोपरगंज वाली 100 करोड़ की संपत्ति को भी आरोपी सुयश अस्थाना बिल्डर को बेचने की जुगत में था। पुलिस आयुक्त ने बताया कि हमारी जांच इस बिंदु पर चल रही है कि पूर्णिमा दीक्षित का इस्तेमाल टूल के रूप में तो नहीं किया गया। पर्दे के पीछे कौन बिल्डर है जो अपार्टमेंट बनाने की तैयारी में था। सुयश कोपरगंज की संपत्ति किसे बेचना चाह रहा था।
प्रणवपत के कालपी रोड स्थित राधा निवास का बैनामा मेडिकल स्टोर संचालक श्रीराम मिश्रा की बहन पूर्णिमा के नाम पर कराया गया है। रविवार को काकादेव कृष्णकृति अपार्टमेंट निवासी पूर्णिमा पुलिस आयुक्त से मिली और सभी दस्तावेज दिखाए। पुलिस आयुक्त के मुताबिक पूर्णिमा ने बताया कि उनकी कलाकृति के नाम से कपड़े की शॉप है। प्रापर्टी डीलर कुलदीप का वहां आना जाना था। उसने सस्ते दामों में जमीन दिलवाने की बात कही थी। कुलदीप ने उन्हें फजलगंज स्थित जेके कॉटन मिल की जमीन दिखायी थी। पसंद आने पर छह करोड़ रुपए में सौदा तय हुआ था। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री के बाद जब वह कब्जा लेने पहुंची तो प्रणवपत की मां ने मना कर दिया। जिस पर उन्होंने कुलदीप से कब्जा दिलाने को कहा तो उसने 20 लाख रुपये ट्रांजेक्शन कराए, लेकिन कब्जा नहीं मिला।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि कारोबारी को दो साल तक बंधक बनाकर रखने के मामले में रविवार को हर्ष नगर स्थित होटल रीजेंटा और स्वरूप नगर स्थित होटल रॉयल क्लिफ में छापेमारी की थी। जांच में सामने आया है कि प्रणव को होटल के जिन कमरों में रखा गया वह सुयश अस्थाना के नाम पर बुक थे। जांच में होटल संचालकों और कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि दो साल पूर्व की सीडीआर निकालकर जांच की जा रही है। इसमें प्रणवपत से अनूप अस्थाना, सुयश अस्थाना, रमित मिश्रा और बृजेंद्र से बातचीत के रिकार्ड पुलिस को मिले हैं। पर्दे के पीछे काम कर रहे बिल्डर से भी बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस को मिली है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि प्रकरण की जांच के लिए डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में हो रही है।
पवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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