दिल्ली की सड़कों पर सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के छात्र आंदोलन ने जहां संसद के बाहर घंटों तक सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त रखा, वहीं संसद में भी यह मुद्दा सरकार के भीतर गहन चर्चा में रहा। केंद्र सरकार की पूरे आंदोलन पर न केवल कड़ी नजर रही, बल्कि एहतियाती कदम भी उठाए गए। इस बीच सरकार ने प्रदर्शनकारियों की बात सुनी और उनसे धरना खत्म करने का आग्रह भी किया। संसद में दोनों सदनों की जब कार्यवाही शुरू हो रही थी, तब सड़कों पर सीजेपी के आह्वान पर छात्रों-युवाओं के हुजूम और संसद की तरफ उनके बढ़ते कदमों ने सरकार की पेशानी पर बल ला दिए। सतर्क सुरक्षा बलों में पूरी मुस्तैदी से मोर्चा संभाले रखा और संसद के करीब पहुंच चुके आंदोलनकारियों को पीछे खदेड़ा。
दूसरी ओर, सरकार से मिलने की मांग कर रहे आंदोलनकारियों के दो प्रतिनिधियों से सरकार की तरफ से केंद्रीय स्वास्थ मंत्री जे.पी. नड्डा ने मुलाकात की। बाद में नड्डा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 बजे से ही हमारी बातचीत जारी है। सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग चार बजे लिखित याचिका दी गई। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे धरना समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।
इससे पहले संसद भवन में सरकार के प्रमुख नेता इस मु्द्दे पर सक्रिय रहे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कक्ष में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की लंबी चर्चा को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ भी चर्चा में यह मुद्दा रहा। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने आंदोलनकारियों के प्रति नरमी बरतने को कहा और बल प्रयोग की बजाय अन्य विकल्पों से सड़कों से जाम को हटाने के लिए कहा गया। संसद के बेहद नजदीक पहुंचने पर भी संयमित कार्रवाई ही की गई।
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस पूरे प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित मान रही है। परोक्ष रूप में सरकार ने यह संकेत भी दिए, इन लोगों का मकसद चुनावी है। सरकार के एक बड़े नेता ने कहा कि इसमें छात्रों की संख्या बेहद कम हैं। छात्र तो प्रवेश लेने और अन्य कामों में व्यस्त हैं। प्रदर्शनकारी अपनी बात रखना चाहते थे, तो उनको वह मौका दिया गया। सरकार ने यह भी साफ किया कि प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से जबरन नहीं हटाया गया है। अगर वे हट रहे हैं तो अच्छा है। हालांकि, सरकार और भाजपा आगे की स्थिति पर भी कड़ी नजर रखे हुए है। विपक्ष के तेवरों को देखते हुए अभी दो-तीन दिन संसद में विपक्ष की तरफ से हंगामा किए जाने के आसार हैं। हालांकि, सरकार की कोशिश है कि तब तक आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से नियंत्रित कर लिया जाए।
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
आरएसएसविज्ञापन र॓टहमार॓ साथ काम करेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT AutoHealthshotsHT SmartcastFAB Play