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इस्लाम धर्म में शब-ए-बारात को बेहद मुकद्दस त्यौहार माना जाता है. प्रयागराज में इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तानों में पहुंचे. लोगों ने अपने परिजनों की कब्रों पर फूल चढ़ाए, फातिहा पढ़ी और रोशनी की.
प्रयागराज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ और बेटे असद की कब्रों पर भी फूल चढ़ाए गए. जानकारी के मुताबिक, इन कब्रों पर फूल चढ़ाने के लिए अतीक के बेटे अबान और ऐजम वहां नहीं पहुंचे थे.
इलाके के लोगों ने पढ़ी फातिहा
बताया गया कि इलाके के कुछ लोग जब कब्रिस्तान में फातिहा पढ़ने पहुंचे तो तीनों की कब्रें सूनी थीं. इसके बाद कुछ लोगों ने वहां फूल चढ़ाए और फातिहा पढ़ी. हालांकि यह साफ नहीं हो सका है कि कब्रों पर फूल किसने चढ़ाए.
स्थानीय लोगों ने बताई परंपरा
स्थानीय लोगों के अनुसार कसारी मसारी कब्रिस्तान में लोग अपने पूर्वजों की कब्र पर फूल चढ़ाते हैं, मोमबत्ती और अगरबत्ती जलाते हैं. साथ ही आसपास की अन्य कब्रों पर भी फूल डाल देते हैं और फातिहा पढ़कर लौट जाते हैं.
परिवार के अन्य सदस्यों की भी कब्रें
स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी कब्रिस्तान में अतीक, अशरफ, असद और उनके वालिद समेत परिवार के कई लोगों की कब्रें मौजूद हैं. कौन फूल चढ़ाकर गया, इसकी जानकारी किसी को नहीं है. उनका कहना है कि यहां आने वाला कोई भी व्यक्ति कब्रों पर फूल चढ़ा देता है, जरूरी नहीं कि वह परिवार का ही सदस्य हो.
पुलिस की ओर से कोई बयान नहीं
जानकारी के मुताबिक, शब-ए-बारात पर जो लोग अपने परिजनों की कब्र पर फूल चढ़ाने और फातिहा पढ़ने आते हैं, वे सूनी पड़ी कब्रों पर भी फूल डाल देते हैं. इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है.
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