बरेली के फरीदपुर में राजकीय महाविद्यालय में हिंदी दिवस मनाया गया। इस मौके पर विचार गोष्ठी, काव्य पाठ और भाषण प्रतियोगिताएं हुईं। इनमें विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के प्रति अपना गौरव और राष्ट्रीय चेतना दिखाई। वक्ताओं ने हिंदी को भारतीय संस्कृति और देश बनाने की मजबूत नींव बताया। उन्होंने छात्रों से हिंदी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने को कहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अमित कुमार सिंह ने की। उन्होंने बताया कि हिंदी सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं और राष्ट्रीय एकता को जोड़ने वाली मजबूत कड़ी है। उन्होंने युवाओं से अपनी मातृभाषा पर गर्व करने और हिंदी को दुनिया भर में पहचान दिलाने के लिए आगे आने को कहा।
मुख्य वक्ता हिंदी विभाग की प्राध्यापिका डॉ. अंशु सत्यार्थी थीं। उन्होंने हिंदी को जीवंत संस्कृति और मौलिक सोच का जरिया बताया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी का अपनी भाषा से जुड़ाव उनके बौद्धिक विकास को नई दिशा दे सकता है।
अर्थशास्त्र विभाग के एनसीसी अधिकारी डॉ. रत्न लाल ने हिंदी को आत्मनिर्भर भारत का मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा के जरिए आर्थिक और व्यावहारिक तरक्की को स्थायी रूप मिल सकता है।
संस्कृत विभाग के डॉ. वेद प्रकाश ने हिंदी और संस्कृत के गहरे रिश्ते बताए। उन्होंने हिंदी की शब्द संपदा में संस्कृत के योगदान पर जोर दिया। डॉ. मुदब्बिर कमर ने हिंदी को भारत की विविधताओं को जोड़ने वाली भाषा बताया।
अंग्रेजी विभाग के डॉ. नीरज कुमार पराशरी ने कहा कि दुनिया की प्रतिस्पर्धा में कई भाषाओं का ज्ञान जरूरी है। लेकिन अपनी मातृभाषा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिंदी के महत्व पर अच्छे विचार रखे। काव्य पाठ प्रतियोगिता में शामिल लोगों की प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के आखिर में महाविद्यालय परिवार ने हिंदी के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंशु सत्यार्थी ने किया।
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