धमदाहा, एक संवाददाता। फार्मर आईडी पर से निर्धारित मात्रा में खाद मिलने की व्यवस्था से किसान परेशान हैं। क्षेत्र में रासायनिक उर्वरक की किल्लत किसानों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था छोटे एवं लघु-सीमांत किसानों के लिए तो किसी हद तक उपयोगी है, लेकिन मध्यम एवं बड़े जोत वाले किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है। किसान ब्रजकिशोर सिंह, मनोज कुमार सिंह, सुबोध यादव, कामेश्वर मेहता और रविंद्र मेहता, संतोष कुमार, अमरेन्द्र झा, विधान झा आदि ने कहा कि एक फार्मर आईडी पर किसानों को करीब दो बोरा अर्थात लगभग 100 किलोग्राम तक रासायनिक उर्वरक मिल पाता है जो खेती करने वाले किसानों के अपर्याप्त हैं।
ऐसे किसानों को एक एकड़ खेत में करीब दो से ढाई बोरा उर्वरक की आवश्यकता पड़ती है। इस हिसाब से 10 एकड़ में खेती करने वाले किसान को करीब 20 से 25 बोरा खाद की जरूरत होती है। फार्मर आईडी पर निर्धारित मात्रा में उर्वरक मिलने से खेती प्रभावित हो रही है। जब किसान के पास एंड्रॉयड मोबाइल उपलब्ध नहीं है और कई किसान एंड्रॉयड मोबाइल चलाना भी नहीं जानते हैं। इसके कारण ऑनलाइन प्रक्रिया और फार्मर आईडी आधारित व्यवस्था में उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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