फूड इंडस्ट्री में काम करने वालों के लिए बड़ा आदेश! fssai ने कहा -'अगर जंग लगे चाकू का इस्तेमाल किया तो ह – India.Com

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने गुरुवार को कहा कि उसने देश भर के खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया है कि वे खाद्य पदार्थों को संभालने और उनकी प्रोसेसिंग के दौरान केवल ‘फूड-ग्रेड’ और जंग-रोधी चाकू, ब्लेड और काटने वाले अन्य उपकरणों का ही इस्तेमाल करें.

इस तरह के टूल्स का हो रहा है इस्तेमाल-

खाद्य नियामक की ओर से जारी निर्देशों में उन रिपोर्टों पर चिंता जताई, जिनमें कहा गया है कि कुछ खाद्य कारोबारी खाना बनाने, प्रोसेस करने, काटने, पैकेजिंग और उससे जुड़े कामों में जंग लगे, खराब, टूटे-फूटे, पेंट किए हुए, डैमेज या किसी भी तरह से इस्तेमाल के लायक न रहने वाले कटिंग टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. एफएसएसएआई के मुताबिक, ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है क्योंकि इससे खाद्य उत्पादों में फिजिकल, केमिकल और माइक्रोबायोलॉजिकल कंटैमिनेशन हो सकता है.

नियामक ने कहा कि यह तरीका ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (फूड बिजनेस की लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन) रेगुलेशंस, 2011’ के शेड्यूल 4 में बताई गई साफ-सफाई की जरूरतों का स्पष्ट उल्लंघन है. नियामक आगे कहा कि खाद्य सुरक्षा के मौजूदा नियमों के अनुसार, खाने के रखरखाव, तैयारी, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और स्टोरेज में इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरण, बर्तन और खाने के संपर्क में आने वाली सतहें फूड-ग्रेड, नॉन-टॉक्सिक और जंग-रोधी मटीरियल से बनी होनी चाहिए.
fssai ने दिए निर्देश-

एफएसएसएआई ने खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया है कि वे यह पक्का करें कि सभी चाकू, ब्लेड और काटने वाले उपकरण अच्छी साफ-सफाई वाली हालत में हों और उनमें जंग, खराबी, दरार, टुकड़े टूटना, पेंट, टूट-फूट या कोई ऐसी कमी न हो जिससे खाना दूषित हो सके. निर्देशों में यह भी कहा गया कि जहां भी जरूरी हो, ऐसे उपकरणों की नियमित सफाई, सैनिटाइजेशन और स्टरलाइजेशन किया जाना चाहिए. एफएसएसएआई ने व्यवसायों को यह भी सलाह दी कि वे कंटैमिनेशन (दूषित होने) के जोखिम को रोकने के लिए जंग लगे, क्षतिग्रस्त या इस्तेमाल के लायक न रहे कटिंग टूल्स को तुरंत हटा दें और बदल दें.
नियमों का उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए, एफएसएसएआई ने कहा कि एडवाइजरी का पालन न करने पर ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006’ के प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है. ( input-आईएएनएस)
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नमस्कार, मैं श्वेता बाजपेई, वर्तमान में India.com हिंदी में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हूं. हिंदी पत्रकारिता में लगभग 10 वर्षों के अनुभव के दौरान मैंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एंटरटेनमेंट … और पढ़ें
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