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अब फ्लाइट के दौरान पावर बैंक का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने साफ किया है कि सुरक्षा कारणों से विमान में पावर बैंक का उपयोग पहले से ही प्रतिबंधित है और अब इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है.
हालांकि यह नियम पहले से मौजूद था, लेकिन अब एयरलाइंस यात्रियों को जागरूक करने के लिए बोर्डिंग के समय और फ्लाइट के दौरान बार-बार घोषणा कर रही हैं, ताकि हवा में किसी तरह का सुरक्षा खतरा न हो.
पावर बैंक से क्या खतरा?
पावर बैंक में लिथियम आयन बैटरी होती है, जो डैमेज होने, ज्यादा गर्म होने या खराबी आने पर आग लगने का खतरा पैदा कर सकती है. विमान के केबिन जैसे बंद स्थान में बैटरी से जुड़ी छोटी सी घटना भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, केबिन के अंदर बैटरी के ज्यादा गर्म होने और धुआं निकलने जैसी घटनाओं को देखते हुए नए नियम नहीं बनाए गए हैं, बल्कि पुराने नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है.
नियम क्या कहते हैं?
मौजूदा एविएशन सुरक्षा नियमों के अनुसार पावर बैंक को केवल हैंड बैगेज में ले जाने की अनुमति है. इसे चेक इन बैग में रखने की इजाजत नहीं है. इसके साथ ही फ्लाइट के दौरान पावर बैंक से मोबाइल या अन्य डिवाइस चार्ज करने की अनुमति नहीं है.
एयरलाइंस ने यात्रियों को जानकारी देने के लिए बोर्डिंग अनाउंसमेंट और इनफ्लाइट ब्रीफिंग शुरू कर दी है. अगर कोई यात्री उड़ान के दौरान पावर बैंक का इस्तेमाल करता पाया गया, तो उससे तुरंत बंद करने को कहा जा सकता है.
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे फ्लाइट में चढ़ने से पहले अपने मोबाइल और अन्य डिवाइस पूरी तरह चार्ज कर लें. जहां सीट पर चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध हो, वहां उसी का इस्तेमाल करें. पावर बैंक साथ ले जाना अब भी वैध है, लेकिन फ्लाइट के दौरान उसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह नियम केवल उड़ान की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लागू किया गया है.
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