बड़हिया के श्री जगदम्बा हिंदी पुस्तकालय में बुधवार को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती मनाई गई। इस मौके पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका विषय ‘दिनकर एक : रंग अनेक’ था। कार्यक्रम में दिनकर के साहित्य, विचारों और उनकी रचनाओं के अलग-अल
कार्यक्रम की अध्यक्षता जवाहर नवोदय विद्यालय, बड़हिया के अंग्रेजी पीजीटी और मोटिवेशनल स्पीकर अरुण कुमार साह ने की। उन्होंने दिनकर के साहित्यिक व्यक्तित्व और उनके विचारों की अहमियत बताई। साह ने कहा कि दिनकर सिर्फ साहित्य के कवि नहीं थे, बल्कि सामाजिक चेतना और विचारों की भी मजबूत आवाज थे।
मुख्य वक्ताओं में प्रो. प्रमोद यादव, पूजा कुमारी और घनश्याम कुमार शामिल थे। घनश्याम कुमार ने कहा कि दिनकर का साहित्य एक महासागर जैसा है। उनके साहित्य को जितना पढ़ा जाता है, उतने ही नए विचार और मतलब सामने आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिनकर के विचार आज भी हर स्तर पर सोचने लायक हैं।
वक्ताओं ने दिनकर की कविताओं में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना, संघर्ष, स्वाभिमान और मानवीय मूल्यों पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में इलाके के कई स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे। छात्रों ने राष्ट्रकवि दिनकर की कविताएं सुनाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम का संचालन प्रोजेक्ट विद्यालय संबलगढ़, बड़हिया के प्रधानाध्यापक आलोक कुमार ने किया। कार्यक्रम के संयोजक किसान नेता और पूर्व वार्ड पार्षद प्रतिनिधि संजीव कुमार , किसान समिति के श्यामानंद प्रसाद सिंह, संजीव कुमार मौजूद थे।
इस मौके पर मौजूद लोगों ने दिनकर की रचनाओं और उनके विचारों को आज के समय में भी अहम बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। इस दौरान वरुण सिंह, रामनारायण सिंह, सोहन सिंह और पुस्तकालय के सभी कार्यकारिणी सदस्य भी मौजूद थे।
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