बद्दोवाल मिलिट्री कैंट के पास किराए की जूते की दुकान से पाकिस्तान को लाइव सीसीटीवी फुटेज भेजने वाले जासूसी नेटवर्क की जांच में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान वरिंदर मसीह और रोहित के रूप में हुई है। दोनों को अमृतसर देहाती के जस्सर गांव से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों उस दुकान का जायजा लेने पहुंचे थे, जहां से पाकिस्तानी हैंडलर को भारतीय सड़कों की लाइव फीड भेजी जा रही थी।
सीसीटीवी बंद होते ही सक्रिय हुए हैंडलर: डीसीपी (इन्वेस्टिगेशन) हरपाल सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी 20 वर्षीय रछपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद दुकान का सीसीटीवी सिस्टम बंद हो गया था। इसके बाद पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों ने अपने स्थानीय नेटवर्क को सक्रिय किया। वरिंदर और रोहित को लाइव स्ट्रीम बंद होने का कारण पता लगाने के लिए भेजा गया था। रछपाल से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया।
कैंट से 6 किमी दूर ली थी दुकान: जांच में सामने आया कि रछपाल ने लुधियाना-फिरोजपुर रोड पर बद्दोवाल मिलिट्री कैंट से करीब 6 किलोमीटर दूर जूते की दुकान किराए पर ली थी। दुकान ज्यादातर बंद रहती थी। बाहर लगाए गए चाइनीज सीसीटीवी कैमरों से सैन्य वाहनों, काफिलों और सामरिक गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। फुटेज मोबाइल ऐप के जरिए पाकिस्तान भेजी जा रही थी। कैमरे लुधियाना के कोचर मार्केट से खरीदे गए थे।
ड्रग नेटवर्क से फंडिंग का शक: सुरक्षा एजेंसियों को नेटवर्क को सीमा पार ड्रग तस्करी नेटवर्क से फंडिंग और लॉजिस्टिक मदद मिलने का शक है। पुलिस रछपाल के जेल में बंद मामा को प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है। रछपाल से दो कैमरे, वाई-फाई राउटर, पावर एडॉप्टर और 64 जीबी मेमोरी कार्ड बरामद हुए हैं। केस ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और बीएनएस की धाराओं में दर्ज है।
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