बलिया के राज सिंह की क्राइम हिस्ट्री: गरीब अंडा विक्रेता के मर्डर से शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या तक; पीड़ित की जुबानी – AajTak

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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का निवासी राज सिंह उर्फ चंदन इन दिनों पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के आरोप में चर्चा में है. बंगाल पुलिस ने उसे यूपी और बिहार के अन्य संदिग्धों के साथ गिरफ्तार किया है. राज सिंह का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है; उस पर 13 अक्टूबर 2020 को बलिया में एक दिव्यांग अंडा विक्रेता अजीत कुमार गुप्ता की गोली मारकर हत्या करने का भी आरोप है. मृतक के पिता पारस गुप्ता ने आरोप लगाया है कि राज सिंह ने केवल इसलिए उनके बेटे की जान ले ली क्योंकि उसने अंडों का बकाया पैसा मांग लिया था. फिलहाल, सीबीआई ने शुभेंदु अधिकारी के सहायक की हत्या की जांच अपने हाथ में ले ली है.
अंडा विक्रेता की हत्या और पिता का दर्द
बलिया के रहने वाले पारस गुप्ता आज भी अपने दिव्यांग बेटे अजीत की याद में सिहर उठते हैं. उन्होंने बताया कि 2020 की उस काली रात अजीत खाना खाकर दुकान पर सोने जा रहा था, तभी राज सिंह और उसके साथियों ने उसे निशाना बनाया. पिता का आरोप है कि राज सिंह अपराधी किस्म का युवक है और बकाया पैसे मांगने पर उसने सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी. पीड़ित पिता आज भी न्याय की गुहार लगा रहे हैं.
मृतक के पिता ने कहा- ‘वह रात को खाना खा कर के जा रहा था दुकान पर सोने के लिए. दुकान पर जा रहा था तो वहीं काली जी के मंदिर के पास वह राज सिंह और उसके दो और साथी थे, वह लोग मार दिए गोली उसको. वह बेचारा वहीं गिर गया. वह विकलांग था, अंडा बेचता था. अंडा का कुछ पैसा बकाया था, वही मांगने पर विवाद हुआ था. वह पहले से ही क्रिमिनल है. हमको बस न्याय चाहिए, मेरे बेटे का क्या कसूर था?”
पश्चिम बंगाल में हाई-प्रोफाइल मर्डर और गिरफ्तारी
6 मई को पश्चिम बंगाल के मध्यग्राम में शुभेंदु अधिकारी के कार्यकारी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और टोल प्लाजा पर हुए एक यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन की मदद से राज सिंह को ट्रैक किया. राज सिंह के वकील हरिवंश सिंह ने पुलिस की गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि राज को अयोध्या से पकड़ा गया, लेकिन बिना ट्रांजिट रिमांड के सीधे कोलकाता ले जाया गया.
मां का दावा: बेटे को साजिश के तहत फंसाया गया
राज सिंह की मां जामवंती सिंह, जो डाकघर में कर्मचारी हैं, अपने बेटे को बेगुनाह बता रही हैं. उनका कहना है कि वे और राज 7 मई को एमएलसी रविशंकर सिंह ‘पप्पू सिंह’ की बेटी की शादी में शामिल होने लखनऊ गए थे. इसके बाद वे अंबेडकर नगर और अयोध्या दर्शन के लिए गए. मां के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोका और राज को जबरन अपने साथ ले गई.
सीबीआई के हाथ में जांच और कानूनी पेंच
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार की सिफारिश पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है. राज सिंह के वकील ने सीबीआई जांच का स्वागत किया है क्योंकि उन्हें राज्य पुलिस की कार्यवाही पर भरोसा नहीं है. मामला अब बंगाल की राजनीति और यूपी के अपराधियों के गठजोड़ के बीच उलझ गया है, जिसकी गुत्थी सीबीआई सुलझाएगी.
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