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अपराध करने वाले की प्लानिंग और चालाकियां कितनी भी परफेक्ट क्यों न हो, लेकिन पुलिस अक्सर अपराधियों की गलती से ही पूरे मामले की गुथी को सुलझा देती है. ठीक ऐसा ही हुआ है केतन हत्याकांड मामले में, जहां अंधे मोड़ पर पहुंच चुके इस मामले में केतन की बहन की सतर्कता और फिर पुलिस की गहन छानबीन ने हत्या की इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया.
पुलिस ने बताया कि सिया, चेतन पहले से संपर्क में थे और दोनों के बीच एक जनवरी से जून के दौरान 2,004 कॉल्स हुए थे. इसी आधार पर संदिग्ध कॉलर्स से पूछताछ कर पुलिस ने कई अहम सबूत जुटाए जो सीधे चेतन को अपराध से जोड़ते हैं.
पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि केतन के अंतिम संस्कार के चार दिन बाद मुख्य संदिग्ध सिया गोयल उसके घर पहुंची थी. इस दौरान पीड़ित की बहन ने उनसे कुछ सवाल पूछे और उन्हें सिया के जवाबों में कुछ संदिग्ध लगा, जिसकी सटीक जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने सीक्रेड रूप से अपनी जांच को आगे बढ़ाया.
कॉल डिटेल्स से हुआ पूरा खुलासा
पुलिस की आधिकारिक जांच से ये बात सामने आई है कि आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी पिछले काफी समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे. दोनों के बीच इस साल एक जनवरी से लेकर जून महीने तक कुल 2,004 बार फोन कॉल्स पर बातचीत हुई थी. कॉल डिटेल के मुताबिक, दोनों ने पिछले छह महीनों के दौरान कुल 238 घंटे आपस में बातचीत की थी, जिसने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया.
लोकेशन छुपाने के लिए दुकान पर छोड़ा फोन
जांच में पुलिस को पता चला कि वारदात के दिन यानी 18 जून को चेतन चौधरी का इंटरनेट सुबह 7 बजे से लेकर शाम 5:40 बजे तक लगातार बंद रहा था, जिसने जांच अधिकारियों का ध्यान खींचा. पुलिस को पता चला कि चेतन ने अपनी लोकेशन की ट्रैकिंग से बचने के लिए एक सोची-समझी साजिश के तहत अपना खुद का फोन अपनी दुकान पर ही छोड़ दिया था और वह अपने एक कर्मचारी का फोन लेकर लोहागढ़ चला गया था.
18 जून के चेतन ने नहीं उठाया कोई फोन कॉल
पुलिस ने 18 जून को चेतन के फोन पर आए हर इनकमिंग कॉलर से गहन पूछताछ की. सभी कॉल करने वालों ने पुष्टि की कि उस दिन चेतन ने खुद कोई फोन नहीं उठाया था, बल्कि उसकी जगह दुकान के कामगारों ने जवाब दिए थे. इसके बाद जब पुलिस ने सुबह 7 से शाम 5:40 बजे तक इंटरनेट बंद रहने और अन्य संदिग्ध कड़ियों पर चेतन से कड़ाई से सवाल किए तो पुलिस जांच में कथित तौर पर कई ऐसे सबूत मिले जो चेतन को सीधे तौर पर अपराध से जोड़ते थे.
क्या है मामला
आपको बता दें कि पुणे के रहने वाले 26 वर्षीय व्यवसायी केतन विशाल अग्रवाल की 18 जून 2026 को लोहागढ़ किले से करीब 350 फीट गहरी खाई में गिरकर मौत हो गई. शुरुआत में इसे ट्रेकिंग के दौरान हादसे क मामला माना जा रहा था, जिसमें उनकी मंगेतर सिया गोयल उनके साथ थीं और जन्मदिन की फोटो खिंचवाने के बहाने उन्हें वहां ले गई थीं. लेकिन पुलिस जांच में ये हत्या साबित हुई. सिया गोयल और उनके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर इस पूरे हत्याकांड की साजिश रची थी. जांच में खुलासा हुआ है कि सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थीं, इसलिए दोनों ने उन्हें किले की खाई में धक्का देकर मार डाला.
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