Asaduddin Owaisi on Mob Lynching and Bangladesh: एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने देश में हो रही मॉब लिचिंग की तरफ ध्यान खींचा है. उनका कहना है कि बांग्लादेश में हो रही मॉब लिंचिंग की हम मज़म्मत करते हैं, लेकिन देश में हो रही मॉब लिंचिंग पर पीएम मोदी को गुस्सा क्यों नहीं आता है.
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Asaduddin Owaisi on Mob Lynching and Bangladesh: एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर सरकार पर ज़ोरदार हमला बोला है. इस बार उन्होंने देश में हो रही मॉब लिंचिंग की तरफ उन्होंने ध्यान खींचने का काम किया है. महाराष्ट्र में एक रैली के दौरान ओवैसी का कहना था कि हमारी सरकार को बांग्लादेश में मॉब लिंचिंग होती है उस बात का दुख है, लेकिन हमारे देश में हो रही मॉब लिंचिंग से उनकी कान पर जूं तक नहीं रेंगती है.
क्या बोले असदुद्दीन ओवैसी?
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर ज़ुल्म हो रहा है, उसकी मैंने भी मज़म्मत की है. लेकिन, मोदी जी ये बताइये कि अगर बांग्लादेश में किसी की मॉब लिंचिंग होती है तो आपको गुस्सा आता है. लेकिन, महाराष्ट्र के जलगांव में जब उस बच्चे को मारा गया तो उस पर आपको गुस्सा क्यों नहीं आता है?
ओवैसी ने अपने भाषण के दौरान उस पहली मॉब लिंचिंग का भी जिक्र किया, जो देश में मोदी सरकार बनने के बाद पहली बार हुई थी. ओवैसी ने कहा कि मोदी सरकार बनने के बाद देश में पहली मॉब लिंचिंग पुणे में मोहसिन की हुई थी. वहीं, जलगांव में सुलेमान शेख को उन्हीं के दस्तों ने बेरहमी से पीटकर मार दिया.
सुलेमान के कातिलों की भी होनी चाहिए मज़म्मत
ओवैसी ने आगे कहा कि बांग्लादेश में कोई हिंदू मरता है तो हम उसकी मज़म्मत करते हैं और मारने वालों को ज़ालिम कहते हैं. जिन्होंने सुलेमान को मारा वह भी ज़ालिम हैं. उनकी भी मज़म्मत होनी चाहिए. बांग्लादेश हो या फिर भारत हो, इंसान की ज़िंदगी इंसान होती है. हिंदू की ज़िंदगी भी अहम होती और मुसलमान की भी ज़िंदगी अहम होनी चाहिए.
असदुद्दीन ओवैसी का बयान ऐसे वक्त पर आया है जब
असदुद्दीन ओवैसी का बयान ऐसे वक्त पर आया है जब शुक्रवार को सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोसाइटी एंड सेक्युलरिज्म (CSSS) ने हाल ही में मॉब लिंचिंग को लेकर एक रिपोर्ट पेश की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में कुल 14 मॉब लिंचिंग हुई हैं, जिनमें सभी मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते थे. इनमें से 8 लोगों की मौत हुई बाकि केवल घायल हुए और उन्हें बचा लिया गया.
ये हैं मॉब लिंचिंग की वजह
इन घटनाओं के पीछे दो अहम वजहें सामने आती हैं. पहली, गौ-रक्षा के नाम पर की जाने वाली हिंसा, जिसे रिपोर्ट में कई बार वसूली का माध्यम बताया गया है. दूसरी, तथाकथित ‘लव जिहाद’ के आरोप, यानी अंतरधार्मिक प्रेम या विवाह को लेकर की जाने वाली हिंसा.
समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य …और पढ़ें
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