नई दिल्ली। सरकार बागान क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों को और उदार बनाने पर विचार कर रही है। इसके तहत केले जैसी अन्य वाणिज्यिक फसलों को भी एफडीआई के दायरे में लाया जा सकता है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय इस मुद्दे पर संबंधित हितधारकों के साथ विचार-विमर्श कर रहा है। फिलहाल चाय, कॉफी, रबड़, इलायची, पाम और जैतून के पेड़ों के बागान में स्वत: मंजूर मार्ग से 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति है। इनके अलावा अन्य बागान गतिविधियों में एफडीआई की अनुमति नहीं है।भारत ने अप्रैल, 2000 से मार्च, 2026 के बीच चाय और कॉफी क्षेत्र में 29.52 करोड़ डॉलर तथा रबड़ उत्पादों में 3.93 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हासिल किया है।
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