बाढ़: गंगा के कटान में समाया सिद्ध बाबा गंगा घाट – Hindustan

गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही अहार क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। गंगा की तेज और उफनती धारा अब किनारों पर लगातार कटान कर रही है। कटान की रफ्तार इतनी तेज है कि बीते 24 घंटे में सिद्ध बाबा गंगा घाट से अहार रिजर्व वन क्षेत्र की ओर करीब दस फीट चौड़ाई तक भूमि कट चुकी है। लगातार हो रहे कटान के चलते सिद्ध बाबा गंगा घाट का अस्तित्व लगभग समाप्त हो गया है और पूरा घाट गंगा की धारा में समा चुका है। गंगा की तेज धार लगातार किनारों को अपनी चपेट में ले रही है। अहार रिजर्व वन क्षेत्र में भी कटान का सिलसिला तेजी से जारी है। कटान की चपेट में आने से सैकड़ों पेड़ जड़ समेत गंगा की धारा में बह गए हैं। वन क्षेत्र में लगातार हो रहे कटान से पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। गंगा धीरे-धीरे अपना दायरा बढ़ाती जा रही है, जिससे आसपास के क्षेत्र में खतरा बढ़ता जा रहा है。
गंगा का कटान अब केवल घाट और वन क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा है। तेज बहाव के चलते आरसीसी सड़क के आसपास की जमीन भी तेजी से कट रही है। इसके अलावा किसानों की उपजाऊ भूमि भी गंगा की धारा में समाती जा रही है। इससे क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है। यदि कटान इसी गति से जारी रहा तो आने वाले दिनों में खादर के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
शनिवार को भी गंगा की तेज धारा लगातार किनारों को काटती रही। कुछ ही समय में घाट की भौगोलिक स्थिति पूरी तरह बदल गई है। जहां कभी श्रद्धालुओं की आवाजाही और धार्मिक गतिविधियां होती थीं, वहां अब गंगा की तेज धारा बह रही है। लगातार बढ़ते जलस्तर और कटान ने सिद्ध बाबा गंगा घाट का स्वरूप ही बदल दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान की रफ्तार भी बढ़ती जा रही है। किनारों पर जमीन दरकने का सिलसिला लगातार जारी है। गंगा धीरे-धीरे अपना दायरा बढ़ा रही है और नदी की धारा किनारों की जमीन को अपने साथ बहा रही है। इससे रिजर्व वन क्षेत्र के साथ-साथ आसपास की कृषि भूमि पर भी खतरा मंडरा रहा है।
कटान की गंभीर स्थिति को देखते हुए शनिवार को एसडीएम स्याना लालजी विश्वकर्मा ने सिद्ध बाबा गंगा घाट पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने गंगा के बढ़े हुए जलस्तर और तेजी से हो रहे कटान की स्थिति को देखा तथा मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी ली।
एसडीएम ने ग्राम प्रधान औरंगाबाद तहारपुर भोलू सिंह को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और कटान को देखते हुए क्षेत्र के लोगों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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