Edited by: Shilpi Singh | Updated: Aug 16, 2026, 8:32 AM
जब बनिजे एशिया और एंडेमोल शाइन इंडिया के फाउंडर और ग्रुप CEO दीपक धर, नीदरलैंड के हिट रियलिटी टीवी शो 'बिग ब्रदर' को भारत लाए, तो उन्होंने इसे सिर्फ़ भारतीय दर्शकों की पसंद के हिसाब से नहीं ढाला. बल्कि दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए उन्होंने इसके नाम में 50% से ज़्यादा बदलाव किया
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नीदरलैंड्स के मशहूर रियलिटी शो बिग ब्रदर (Big Brother) को जब भारत में बनाने की सोचा गया था तो इसे दर्शकों को सामने पेश करना सबसे बड़ा चैलेंज था. ऐसे में बिग ब्रदर का नाम बदलकर बिग बॉस रखा गया. यह शो अपने ड्रामा, भावनात्मक पलों और घर के सदस्यों के बीच तीखी बातचीत के लिए जाना जाता है.
जब बैनिजय एशिया और एंडिमोल शाइन इंडिया के फाउंडर व ग्रुप सीईओ दीपक धर ने 'बिग ब्रदर' के भारतीय अधिकार खरीदे, तो वे इसे ओरिजिनल नाम के साथ भारत में लॉन्च नहीं करना चाहते थे. नीदरलैंड की मूल कंपनी का कहना था कि जब करोड़ों रुपये देकर 'Big Brother' फ्रेंचाइजी के राइट्स खरीदे गए हैं, तो दुनिया भर में स्थापित इस ब्रांड नेम को बदलने की क्या जरूरत है?
दीपक धर का मानना था कि भारतीय दर्शकों को जोड़ने के लिए शो के नाम में 'देसी फ्लेवर' होना बहुत जरूरी है. भारत में 'बॉस' (Boss) शब्द का इस्तेमाल ऑफिस से लेकर घर और दोस्तों के बीच आम बोलचाल में बहुत किया जाता है। दीपक धर ने अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइजी के मालिकों से लंबी बहस और संघर्ष के बाद आखिरकार नाम बदलकर 'Big Boss' करने की अनुमति हासिल की थी.
नाम 'Big Boss' तय हो जाने के बाद भी कहानी खत्म नहीं हुई, शो को हर हाल में सुपरहिट बनाने के लिए दीपक धर ने एक न्यूमरोलॉजिस्ट (अंकशास्त्री) की सलाह ली. न्यूमरोलॉजिस्ट की सलाह पर 'BIG' की जगह 'BIGG' (एक एक्स्ट्रा 'G' जोड़कर) कर दिया गया और शो का आधिकारिक नाम 'Bigg Boss' रखा गया.
'Bigg Boss' नाम भारत में इतना बड़ा ब्रांड बन गया कि इसे चोरी या नकल से बचाने के लिए मेकर्स को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) का दरवाजा खटखटाना पड़ा था. 'बिग बॉस' केवल एक टीवी शो नहीं, बल्कि सैकड़ों करोड़ रुपये का एक विशाल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ब्रांड है. यही वजह है कि जब भी कोई स्थानीय प्रोडक्शन हाउस, वेबसाइट या संस्था 'Bigg Boss' नाम, इसकी आंख के लोगो या इसके फॉर्मेट की नकल करने की कोशिश करती है, तो एंडिमोल और वायाकॉम18 की लीगल टीम इसे रोकने के लिए तुरंत अदालत का दरवाजा खटखटाती है.
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