बिहार मूनराइज टाइम: आज करवा चौथ का चांद पटना, दरभंगा और गया समेत आपके शहर में कब दिखेगा? – Hindustan

Bihar me chand kitne baje dikhega: बिहार में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण करवा चौथ के चांद पर संकट के बादल मडराने लगे हैं। गुरुवार की सुबह से ही पटना के आसपास इलाकों में बूंदाबांदी शुरू हो गई है। कई इलाकों में आसमान में काले बादल भी छाए हुए हैं। मौसमविदों ने 31 अक्टूबर 2026 तक राज्य के तमाम शहरों में बारिश, वज्रपात और आंधी का अनुमान लगाया है। मौसम में बदलाव या धुंध के कारण करवा चौथ के स्पष्ट दर्शन में तमाम इलाकों में 5-10 मिनट का अंतर आ सकता है। बिहार में आज 29 अक्टूबर 2026 को चंद्रमा रात 07:35 बजे से रात 07:50 बजे के बीच निकलेगा। पूर्वी बिहार के जिलों में चांद थोड़ा पहले और पश्चिमी या मध्य जिलों में कुछ मिनट के बाद नजर आएगा। जानें पटना, पूर्णिया, गया और मुजफ्फरपुर समेत शहरों में करवा चौथ का चांद कितने बजे दिखेगा।

करवा चौथ व्रत को अत्यंत कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत में चंद्र दर्शन तक अन्न और जल दोनों का त्याग किया जाता है। सूर्योदय से शुरू होकर यह व्रत चंद्रमा निकलने तक रखा जाता है। चांद निकलने पर व्रती महिलाएं चंद्रदेव की पूजा करती हैं और पति की लंबी आयु की कामना करते हुए अर्घ्य देती हैं। इसके बाद पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत का पारण किया जाता है।

पूर्णिया- शाम 7:42 बजे

भागलपुर- शाम 7:40 बजे

दरभंगा- शाम 7:41 बजे

बेगूसराय- शाम 7:49 बजे

मुजफ्फरपुर-शाम 7:50 बजे

मोतिहारी- शाम 7:50 बजे

पटना-शाम 7:36 बजे

छपरा- शाम 7:53 बजे

आरा- शाम 7:54 बजे

सीवान- शाम 7:54 बजे

गया- शाम 7:55 बजे

नोट: बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात तूफान अर्नब के असर के कारण चंद्रोदय के समय में थोड़ा अंतर संभव है।

अर्नब के बिहार में प्रवेश करने के साथ कमजोर पड़ गया है। लेकिन इसके बावजूद जिले में कई जगह मध्यम बारिश के आसार हैं। मौसम में बदलाव गुरुवार की सुबह से देखने को मिलने लगे हैं। उत्तर बिहार के मौसम में चक्रवाती तूफान का असर रहेगा। इसके प्रभाव के कारण करवा चौथ के चांद का इंतजार थोड़ा लंबा हो सकता है। मौसम विभाग के पुर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 के दौरान मध्यम वर्षा, बादलों की गर्जन और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

अगर करवा चौथ पर आसमान में बादल या अन्य किसी कारणों से चंद्रमा नहीं दिखता है, तो व्रत को शास्त्रसम्मत और पारंपरिक तरीकों से पूजा करके व्रत का पारण कर सकती हैं। व्रत खोलने के लिए एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और उस पर चावल से चंद्रमा की आकृति बनाएं। अब इसी काल्पनिक चांद को छलनी से देखकर पूजा करें। भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजित हैं। भगवान शिव की मूर्ति या तस्वीर में उनके मस्तक पर विराजमान चंद्रदेव का ध्यान करें और उनकी पूजा कर सकते हैं। इसके अलावा चांदी के सिक्के को चंद्रमा का रूप मानकर उसकी पूजा और अर्घ्य देकर व्रत को खोला जा सकता है। अगर दीपक बिल्कुल नहीं नजर आता है, तो दीपक यानी अग्नि को साक्षी मानकर चंद्रदेव का स्मरण करें और अर्घ्य देकर जल ग्रहण करें।

चंद्रमा को अर्घ्य देते समय पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करना चाहिए। मानसिक तौर पर चंद्र देव का ध्यान करते हुए अर्घ्य देना चाहिए।

संक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
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रत्न विज्ञान
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