बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम की वजह से छूट गई नीट की परीक्षा, कांग्रेस पर लगे आरोप; शुरू हुई सियासी बहस – Jagran

देशभर में NEET पेपर लीक का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि कल यानी 21 जून को हुए री-टेस्ट ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया। एक ओर देश में कड़ी सुरक्षा के बीच पर …और पढ़ें
परीक्षा केंद्र पर विलखते छात्र।
बेंगलुरु में कांग्रेस रैली के कारण NEET छात्र परीक्षा से चूके।
ट्रैफिक जाम से परेशान अभिभावकों ने कांग्रेस पर आरोप लगाए।
भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में NEET पेपर लीक से शुरू हुआ विवाद अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां पूरे देश में कड़ी सुरक्षा के बीच कल यानी 21 जून को NEET की परीक्षा हुई, तो दूसरी ओर कर्नाटक की राजधानी कल के दिन में जो कुछ भी हुआ, उसने एक बार ‘NEET’ और देश की ‘राजनीति’ को आमने-सामने खड़ा कर दिया है।
एक तरफ डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले छात्र और उनके बेबस माता-पिता थे, तो दूसरी तरफ सियासी दांव-पेच। आइए इस पूरी घटना को आसानी से समझते हैं कि आखिर क्यों और कैसे एक बार फिर NEET की परीक्षा ने सियासत को पूरी तरह से गर्म कर दिया? कल बेंगलुरु की सड़कों पर क्या हुआ, किसने क्या आरोप लगाए और इस पर क्या राजनीति हो रही है?
दरअसल, कल देश भर में NEET-UG की री-टेस्ट था। करीब 22 लाख छात्र इस परीक्षा में बैठ रहे थे क्योंकि एक महीने पहले हुई पहली परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होनी थी, लेकिन छात्रों को दोपहर 1:30 बजे तक ही केंद्र पर पहुंचना था।
इसी दौरान बेंगलुरु शहर में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी की एक रैली चल रही थी। आरोप है कि इस रैली की वजह से सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। समय बीता जा रहा था और गाड़ियां टस से मस नहीं हो रही थीं। घबराए माता-पिता दोपहिया वाहनों को फुटपाथ पर दौड़ाने लगे।
इस पूरे हंगामे के बीच कम से कम तीन छात्र परीक्षा केंद्र पर लेट पहुंचे। नियमों के मुताबिक गेट बंद हो चुके थे। छात्रों ने अंदर जाने के लिए गेट पर चढ़ने की कोशिश भी की, लेकिन उन्हें एंट्री नहीं मिली और उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया।
राहुल गांधी और डीके शिवकुमार पर उठे सवाल
महीनों के परिश्रम के बाद जब बच्चे परीक्षा केंद्र पर पहुंचे और उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली, तब बच्चे भावुक हो गए। बच्चों को रोता देख माता-पिता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस की रैली को इसका जिम्मेदार ठहराया।
एक छात्र के पिता कृष्ण मूर्ति ने बताया कि जो रास्ता आम तौर पर 20 मिनट में कट जाता है, उसमें कल 35 मिनट से ज्यादा लग गए। पुलिस की डांट सुनने के बाद भी उन्हें फुटपाथ पर गाड़ी चलानी पड़ी। उनका कहना था कि राजनीतिक रैलियां शहर के बीचों-बीच नहीं, बल्कि बाहरी इलाकों में होनी चाहिए।
एक अन्य नाराज पिता ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी छात्रों के हक के लिए कोटा (राजस्थान) जाते हैं, लेकिन आज उनकी पार्टी की रैली की वजह से बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया। इसका जवाब कौन देगा? माता-पिता का आरोप था कि पूरा देश जानता था कि 21 जून को NEET का री-टेस्ट है, फिर भी कांग्रेस ने उसी दिन रैली रखी और सड़क को 3 घंटे तक ब्लॉक करके रखा।
बता दें कि यह मामला सामने आते ही कर्नाटक की राजनीति में भूचाल आ गया। भाजपा और कांग्रेस के नेता आमने-सामने आ गए हैं। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने रोते-बिलखते माता-पिता का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए पूछा कि कांग्रेस सत्ता की भूख में और कितना गिरेगी?
इसके अलावा भाजपा के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी एक वीडियो जारी करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती तो रैली का दिन या कम से कम समय बदल सकती थी। इससे साफ होता है कि कांग्रेस के लिए छात्रों का भविष्य नहीं, बल्कि राजनीति पहले है।
हालांकि इस पूरे मामले में कांग्रेस बैकफुट पर आने के बजाय आक्रामक अंदाज में जवाब देती दिखी। कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे ने भाजपा के आरोपों को ‘ड्रामा’ बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा को पहले पिछले 10 सालों में हुए 89 पेपर लीक के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि छात्र सिर्फ बेंगलुरु में नहीं, बल्कि भाजपा शासित राज्यों (जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश) में भी लेट हुए हैं।
खरगे ने कहा कि बेंगलुरु में जो 3 छात्र छूटे, उनमें से एक पुरानी हॉल टिकट लाया था, एक दूर से आ रहा था और एक लेट था। सरकार ने बकायदा ट्रैफिक एडवाइजरी और हेल्पलाइन जारी की थी।
इसके अवाला कांग्रेस नेता बीके बरिप्रसाद ने छात्रों को हुई परेशानी पर दुख तो जताया, लेकिन साथ ही भाजपा पर निशाना साधते हुए पूछा कि NEET के तनाव के कारण जिन छात्रों ने आत्महत्या की, क्या उसके लिए भाजपा ने कभी माफी मांगी? 

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News