बैटिंग पर ध्यान दो.., यशस्वी जायसवाल के विकेटकीपिंग करने पर भड़के पूर्व क्रिकेटर, कहा- जल्दबाजी क्यों कर रहे? – Hindustan

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाल और मुंबई के दिग्गज क्रिकेटर वसीम जाफर ने 24 वर्षीय यशस्वी जायसवाल के विकेटकीपिंग का अभ्यास करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है। उन्हों साफ शब्दों में नाराजगी जाहिर करते हुए जायसवाल को बैटिंग पर ध्यान देने को कहा है और यह भी बताया है कि सफेद गेंद की टीम में जगह बनाने के लिए विकेटकीपिंग जैसे तरीकों का सहारा लेकर वे जल्दबाजी कर रहे हैं। आशंका जाहिर की कि इन सब से बल्लेबाजी पर असर पड़ सकता है।

मुंबई के कप्तान सिद्धेश लाड ने बृहस्पतिवार को बताया था कि जायसवाल बल्लेबाजी और लेग स्पिन के अलावा अतिरिक्त कौशल के तौर पर विकेटकीपिंग पर भी काम कर रहे हैं। रणजी ट्रॉफी के 2026-27 सत्र से पहले उनके विकेट के पीछे अभ्यास करने की तस्वीरें भी सामने आई थीं।

जाफर ने अपने ‘यूट्यूब चैनल’ पर कहा कि अगर किसी खिलाड़ी ने बचपन से विकेटकीपिंग नहीं की है, तो इस भूमिका को अपनाना उसके लिए काफी मुश्किल हो सकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सीमित ओवरों की भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए जायसवाल को विकेटकीपिंग की जरूरत क्यों महसूस हो रही है, जबकि इस भूमिका के लिए ईशान किशन, संजू सैमसन और ऋषभ पंत जैसे विकल्प मौजूद हैं। जाफर ने कहा, ”जब मैंने यह सुना तो मुझे खुद हैरानी हुई। अगर आपने बचपन से विकेटकीपिंग नहीं की है, तो यह बहुत मुश्किल काम है। यह काफी थकाने वाली जिम्मेदारी भी है। वह अगर विकेटकीपिंग शुरू भी कर देते हैं, तो उन्हें जगह कहां मिलेगी? किशन, सैमसन और पंत मौजूद हैं। मुझे लगता है कि वह सफेद गेंद के क्रिकेट में जगह बनाने के लिए ऐसा करना चाहते हैं।”

रणजी ट्रॉफी में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज जाफर का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में विकेटकीपिंग करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। उनके मुताबिक, इस भूमिका के लिए जरूरी कौशल को कम समय में विकसित करना आसान नहीं है। उन्होंने अगले महीने होने वाले भारत के न्यूजीलैंड दौरे से पहले जायसवाल को अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देने की सलाह दी। जाफर ने कहा, “टेस्ट क्रिकेट में विकेटकीपिंग करना बहुत मुश्किल है। मुझे लगता है कि यह कुछ हद तक मजाक जैसा है, क्योंकि अगर आपने बचपन से विकेटकीपिंग नहीं की है, तो यह आसान काम नहीं है। यह ऐसा कौशल नहीं है, जिसे आप बहुत कम समय में विकसित कर सकते हैं।” उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि वह सीमित ओवरों की टीम में जगह पाने के लिए कुछ ज्यादा ही जल्दबाजी कर रहे हैं। उन्हें रणजी ट्रॉफी और न्यूजीलैंड दौरे से पहले अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहिए।”

जायसवाल रविवार को वानखेड़े स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ मुंबई के रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले में खेलेंगे। राष्ट्रीय टीम से जुड़ी प्रतिबद्धताओं के कारण वह इसके बाद होने वाले मुंबई के अगले मैच में नहीं खेल पाएंगे। बताया जा रहा है कि घरेलू सत्र से पहले मुंबई के एक अभ्यास मैच में उन्होंने करीब 10 ओवर तक विकेटकीपिंग भी की थी।

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News