मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ की खबरों को खारिज किया। साथ ही कहा भारतीय सेना सीमा की रक्षा कर रही है। …और पढ़ें
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू।
डिजिटल डेस्क, ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शनिवार को राज्य में चीनी सेना की घुसपैठ से जुड़ी खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पूरी मुस्तैदी से हमारे क्षेत्र की गश्त कर रही है और देश की सीमाओं की पूरी तरह से रक्षा कर रही है।
पत्रकारों से बात करते हुए सीएम खांडू ने साफ शब्दों में कहा कि अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ का कोई संकेत नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि भारतीय सेना हमारे क्षेत्र की प्रभावी ढंग से गश्त और सुरक्षा कर रही है।
बता दें कि मुख्यमंत्री का यह बयान तब आया जब केंद्र सरकार ने शुक्रवार को चीन द्वारा सीमावर्ती राज्य अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने की लगातार दावों के बीच, देश के आधिकारिक नक्शे में अरुणाचल प्रदेश के 27 महत्वपूर्ण स्थानों को उनके मानक नामों के साथ शामिल किया है। सरकार ने बताया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य इन जगहों की सही पहचान करना और आम जनता के बीच उनके भौगोलिक तथा ऐतिहासिक महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अरुणाचल प्रदेश के सर्वे ऑफ इंडिया के नक्शे पर इन्हें औपचारिक रूप से पहचान देना, इनकी सटीक पहचान और आम जनता के बीच बेहतर जानकारी सुनिश्चित करने के लिए है।
गौर करने वाली बात यह है कि नई दिल्ली ने बीजिंग द्वारा अरुणाचल प्रदेश की जगहों के मनमाने नाम रखने के तरीके को हमेशा से खारिज किया है और इसे व्यर्थ और बेतुका बताया है। भारत का यह रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि ऐसे कदमों से यह अटल सच्चाई नहीं बदल सकती कि अरुणाचल प्रदेश देश का एक अभिन्न अंग था है और हमेशा रहेगा।
गौरतलब है कि नक्शे में जिन 27 स्थानों को शामिल किया गया है, उनमें से कई जगहें वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास होने और भारत-चीन के बीच पिछले सैन्य टकरावों के इतिहास के कारण बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसमें लोंग जू दोनों देशों के बीच शुरुआती संघर्ष केंद्रों में से एक है। 1962 के भारत-चीन युद्ध से तीन साल पहले 1959 में चीनी सैनिक इस क्षेत्र में दाखिल हुए थे।
इस सूची में लोंग जू के पास ऊपरी सुबनसिरी जिले का माजा गांव, बीसा गांव और द्जो ला, रिजा ला व पुकुर ला जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पहाड़ी दर्रे शामिल हैं। इसके अलावा थाग ला यह वही ऊंचाई वाला दर्रा है जहां 1962 के युद्ध की शुरुआती लड़ाइयों में से एक लड़ी गई थी।
चांगलांग जिले का जैरामपुर शहर पूर्वी अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार सीमा की ओर सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए एक अहम लॉजिस्टिक्स हब के रूप में काम करता है। इसके अलावा, नक्शे में शंभू सरोवर, बड़ा कुंडुन, छोटा कुंडुन, धन बाड़ी, प्रीतनगर, तेरितनगर, रामगढ़/रामेश्वर, जसवंत गढ़, सागर, पद्मा, ज्योतिनगर, बैसाखी, शेर-ए-थापा मेमोरियल, छोटा रोपुक, बड़ा रोपुक, शिवाजी नगर, सुणपुरा, कामलांग नगर और बुद्धमंदिर जैसे स्थान भी जोड़े गए हैं।