भारत ईरान का मित्र देश, होर्मुज भी खुला फिर क्यों नहीं आ रहे एलपीजी के जहाज? – ABP News

ईरान भारत का दोस्त है. इस दोस्ती के नाते ही ईरान ने दुनिया के लिए बंद पड़े होर्मुज का रास्ता भी खोल रखा है. भारत आ रहे जहाजों को होर्मुज से गुजरने में कोई दिक्कत भी नहीं है. फिर भी एलपीजी के जहाज भारत नहीं आ पा रहे हैं. सवाल है क्यों. आखिर अब जहाजों को होर्मुज से गुजरकर भारत आने में दिक्कत क्या है? आखिर क्यों इतनी सहूलियत मिलने के बाद भी कोई जहाज होर्मुज को पार क्यों नहीं कर पा रहा है? आखिर क्यों कोई भी जहाज पेट्रोल-डीजल लेकर या फिर एलपीजी लेकर भारत आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है, आज बात करेंगे विस्तार से. 
4 मार्च से ही बंद पड़े होर्मुज से अब तक भारत के कुल 4 जहाज ही निकल पाए हैं. इनमें से पहला जहाज था शिवालिक जो 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था. दूसरा जहाज नंदादेवी भी 17 मार्च को गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंचा था. इन दोनों ही जहाजों पर करीब 92 हजार टन गैस लदी थी, जो भारत की खपत के हिसाब से करीब 30 घंटे की थी. ये दोनों जहाज बंद पड़े होर्मुज से इसलिए निकल पाए क्योंकि 14 मार्च को ही ईरान ने भारत को दोस्त बताते हुए भारत के लिए रास्ता खोल दिया था.
अब भी रास्ता भारत के लिए खुला ही है. और अब भी भारत के दो जहाज पाइन गैस और जगवसंत एलपीजी लेकर होर्मुज से निकल चुके हैं. इनमें से पाइन गैस को न्यू मैंगलुरु पोर्ट पहुंचना है तो दूसरे जगवसंत को गुजरात के कांडला जाना है. इन चार जहाजों के अलावा कम से कम 20 जहाज अब भी होर्मुज में फंसे हैं. और इनमें भी 6 जहाजों पर करीब 3 लाख टन एलपीजी लदी हुई है. अब सवाल ये है कि जब 6 जहाज होर्मुज में एलपीजी लेकर खड़े हैं और ईरान ने कह दिया है कि वो भारत के जहाजों का रास्ता नहीं रोकेगा तो ये जहाज भारत क्यों नहीं आ रहे हैं.
इसका एक सीधा सा जवाब ये है कि होर्मुज स्ट्रेट अब भी दुनिया के लिए तो बंद ही है. ईरान की तरफ से इस रूट को भारत और ईरान के मित्र दोस्तों के लिए खोला गया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और बीमा कंपनियों के लिए तो होर्मुज अब भी वॉर जोन ही है, जिसकी वजह से इस रूट से गुजरने वाले जहाजों पर भी वॉर रिस्क प्रीमियम लग रहा है और ये बहुत ज्यादा है. दूसरा ये है कि भले ही ईरान ड्रोन्स या मिसाइल के जरिए भारत आ रहे जहाजों पर निशाना न बनाए, लेकिन ईरान ने होर्मुज के नीचे तो माइन्स बिछा ही रखी हैं, जिनके जहाज से टकराने का खतरा पूरी तरह से टला नहीं है. बाकी तो गार्जियन की रिपोर्ट कहती है कि 20 से ज्यादा जहाजों पर ईरान हमला कर चुका है. दूसरे जहाजों की तुलना में एलपीजी वाले जहाजों पर छोटा हमला भी उस जहाज को होर्मुज में ही डुबो सकता है तो शिपिंग कंपनियों का डर तो जायज ही है.
अगर इन सारे खतरों को पार करके कोई जहाज वहां से निकलना भी चाहेगा तो वो नहीं निकल पा रहा है, क्योंकि उस रास्ते पर तकरीबन दो हजार से ज्यादा जहाज फंसे हुए हैं, जिसकी वजह से समंदर में ट्रैफिक जाम है. भारत के जहाज निकल सकते हैं लेकिन उससे आगे जो जहाज हैं, उनको निकलने की इजाजत नहीं है तो चाहकर भी भारतीय जहाज नहीं निकल पा रहे हैं. अब ये ट्रैफिक कितना है इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि जिस रास्ते से हर रोज 100 से ज्यादा जहाज निकलते थे, उनकी संख्या घटकर तीन-चार रह गई है. ऐसे में भारत आने वाले नए जहाजों के लिए स्लॉट मिलने में समय लग रहा है.
कुल मिलाकर अगर एक लाइन में कहा जाए तो भले ही होर्मुज भारत के लिए खुला है लेकिन खतरा पूरी तरह से टला नहीं है, जिससे शिपिंग कंपनियां डर रही हैं. जो जहाज पहले से फंसे हैं, वो इजाजत लेकर निकल रहे हैं लेकिन हैवी ट्रैफिक की वजह से वक्त लग रहा है. बाकी तो सरकार जो दावा कर रही है कि अमेरिका से और रूस से भी भारत एलपीजी खरीद रहा है, तो उन जहाजों को भी भारत आने में कम से कम 40 से 45 दिन का वक्त लगता है. और अगर दो जहाज एलपीजी लेकर आते हैं, तो उन दोनों को मिलाकर जितनी गैस आती है, वो 25-30 घंटों के लिए ही पर्याप्त होती है.  लिहाजा भारत में एलपीजी की किल्लत साफ तौर पर दिखाई पड़ने लगी है
 
यह भी पढ़ें:-
Nirav Modi PNB Scam: भगोड़े नीरव मोदी पर कसा शिकंजा! लंदन कोर्ट के फैसले से बढ़ी मुश्किलें, फायरस्टार के हीरे होंगे नीलाम
अविनाश राय एबीपी लाइव में प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. अविनाश ने पत्रकारिता में आईआईएमसी से डिप्लोमा किया है और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ग्रैजुएट हैं. अविनाश फिलहाल एबीपी लाइव में ओरिजिनल वीडियो प्रोड्यूसर हैं. राजनीति में अविनाश की रुचि है और इन मुद्दों पर डिजिटल प्लेटफार्म के लिए वीडियो कंटेंट लिखते और प्रोड्यूस करते रहते हैं.
Source: IOCL
We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News