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पिछले कुछ सालों से अमेरिका में काम करने वाले भारतीय इंजीनियर्स के लिए समय आसान नहीं रहा है. गूगल, ऐमेजॉन और मेटा जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने बहुत सारे लोगों को नौकरी से निकाल दिया. साथ ही नई भर्तियां भी कम कर दी गईं, क्योंकि अब कंपनियां अपना ज्यादा ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर दे रही हैं.
जानिए क्या परेशानी हो रही है
H-1B वीज़ा पर काम करने वाले लोगों के पास नौकरी जाने के बाद सिर्फ 60 दिन होते हैं नई नौकरी ढूंढने के लिए. अगर इस समय में नौकरी नहीं मिली, तो उन्हें अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है. इसी वजह से बहुत से भारतीय इंजीनियर्स डर और चिंता में थे. इसी बीच Nvidia बन रही है मसीहा
जानिए कैसे Nvidia भारतीयों की मदद कर रही है
जहां दूसरी टेक कंपनियां लोगों को नौकरी से निकाल रही हैं, वहीं Nvidia अपनी हायरिंग बढ़ा रही है. कंपनी खासकर बाहर के देशों से अच्छे इंजीनियर्स को नौकरी पर रख रही है. साथ ही H-1B वीज़ा अप्रूवल भी बढ़ा रही है.
रिपोर्ट के मुताबिक, तो Nvidia ने 2026 के पहले आधे साल में करीब 1,200 H-1B वीज़ा अप्रूव कराए हैं. वहीं पिछले साल यह लगभग 1,000 थी.
दूसरी कंपनियां क्या कर रही हैं?
दूसरी अमेरिकी टेक कंपनियों ने वीज़ा अप्रूवल कम कर दिए हैं. गूगल के वीज़ा अप्रूवल करीब 5,100 से घटकर 2,200 रह गए हैं. वहीं ऐमेजॉन के अप्रूवल 6,100 से घटकर लगभग 4,300 हो गए हैं.
ये आंकड़े दिखाते हैं कि अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में पहले जितनी भर्तियां नहीं हो रही हैं.
जानिए Nvidia भारत के इंजीनियर्स को क्यों ढूंढ रही है
पूरी दुनिया में AI का ज़बरदस्त बूम चल रहा है. Nvidia ज्यादा से ज्यादा टैलेंटेड इंजीनियर्स को अपने साथ जोड़ना चाहती है. भारत में अच्छे इंजीनियर्स की कोई कमी नहीं है, इसलिए कंपनी की नजर भारतीय टैलेंट पर है.
साथ ही Nvidia सिर्फ AI पर ही काम नहीं करती. कंपनी सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और सेमीकंडक्टर जैसे कई बड़े क्षेत्रों में काम करती है. यही वजह है कि यहां इंजीनियर्स के लिए बहुत सारे मौके मौजूद हैं.
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