मधुबनी के लदनियां थाना क्षेत्र अंतर्गत भारत-नेपाल सीमा पर स्थित योगिया गांव में वर्षों से अवैध कब्जे में रही एक निजी जमीन को प्रशासनिक और पुलिस सहयोग से मुक्त कराया गया है। जिला न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जमीन के वास्तविक
जानकारी के अनुसार, योगिया गांव (वार्ड नंबर 1) में यह निजी जमीन पिछले कई वर्षों से दूसरे पक्ष के अवैध कब्जे में थी। जमीन के असली हकदार धनिकलाल सिंह ने इस संबंध में कानूनी लड़ाई लड़ी, जिसके बाद जिला न्यायालय ने उनके पक्ष में डिक्री जारी करते हुए दखल-दहानी का आदेश दिया था।
न्यायालय के आदेश के आलोक में, नाजीर दुर्गानंद झा, सर्वेयर वीरेंद्र कुमार राय और अनुसेवक बद्रीनारायण झा की एक टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अंचलाधिकारी (सीओ) कुमार राजीव रंजन और पुलिस इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष अनूप कुमार भारी पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में सर्वेयर द्वारा विवादित भूमि की नए सिरे से मापी की गई। सीमांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, जमीन को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराया गया। वैध कागजातों के आधार पर, जमीन मालिक धनिकलाल सिंह को मौके पर ही कब्जा सौंप दिया गया।
यह मामला भारत-नेपाल सीमा के बिल्कुल करीब का होने के कारण प्रशासन अत्यधिक सतर्क था। दखल-दहानी की प्रक्रिया के दौरान मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए थे, लेकिन पुलिस की सख्त मौजूदगी के कारण किसी भी पक्ष की ओर से कोई विरोध या व्यवधान नहीं हुआ। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। वर्षों बाद अपनी जमीन वापस मिलने पर भू-स्वामी धनिकलाल सिंह और उनके परिजनों ने न्यायपालिका व स्थानीय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
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