भारत-नेपाल सीमा पर जयनगर के नो मेंस लैंड क्षेत्र में बुधवार दोपहर को अतिक्रमण हटाने के लिए एक संयुक्त अभियान चलाया गया। इस दौरान भारतीय और नेपाली प्रशासन, पुलिस बल, एसएसबी और नेपाल एपीएफ ने मिलकर कार्रवाई की और बुलडोजर से अतिक्रमण हटाया।
यह अभियान वरीय अधिकारियों के निर्देश पर जयनगर, देवधा पुलिस, एसएसबी, अमीन और नेपाल एपीएफ की टीमों द्वारा शुरू किया गया। इनर्वा, बलडीहा और अकोन्हा बॉर्डर क्षेत्रों के नो मेंस लैंड में अतिक्रमण हटाने की व्यापक कार्रवाई की गई।
सीमा क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने का प्रयास
अभियान का मुख्य उद्देश्य सीमा क्षेत्र का सीमांकन करना, नो मेंस लैंड को अतिक्रमण मुक्त बनाना और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना था। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों की इस संयुक्त कार्रवाई से क्षेत्र में प्रशासनिक सक्रियता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
अभियान के दौरान जयनगर डीएसपी राघव दयाल, बीडीओ राजीव रंजन, एसएसबी कमला बीपीओ प्रभारी कासी पालदान, जयनगर और देवधा थाना पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। नेपाल एपीएफ इनर्वा बीओपी के इंस्पेक्टर संजीत मननधार और एएसआई जुनार परियार सहित नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के जवान भी बड़ी संख्या में तैनात थे।
अधिकारियों की उपस्थिति में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमा क्षेत्र में किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
स्थानीय लोगों से नियमों का पालन करने और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न करने की अपील की गई है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस संयुक्त अभियान को भारत और नेपाल के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है, जिससे सीमा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद है। प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई जारी रहेगी।
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