अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है, इसके बावजूद भारत ने अमेरिका के साथ ट्रे़ड डील करने के प्रयास कम नहीं किए हैं। भारत अमेरिका के साथ कुछ ऐसे समझौते करना चाहता है जिससे कि व्यापार में संतुलन आ जाए और इस मामले में चीन को ज्यादा फायदा ना मिल सके। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका के खिलाफ हड़बड़ी में कोई कदम नहीं उठाएगा, बल्कि ट्रेड डील को फाइनल करने का प्रयास करेगा। जानकारों का कहना है कि इसी महीने के आखिरी तक अमेरिका के साथ ट्रेड डील फाइनल हो सकती है।
रिपोर्ट्स की मानें तो भारत और अमेरिका एनर्जी की खरीद पर बड़ी सहमति बना सकते हैं। हालांकि अन्य किसी देश से तेल आयात का जिक्र इसमें नहीं होगा। भारत और अमेरिका के बीच इस ट्रेड डील के लिए टर्म ऑफ रिफेरेंस (ToR) मार्च में ही फाइनल हो गए थे। वहीं 22 अप्रैल को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारत दौरे के दौरान ही ऐलान कर दिया था कि अब दोनों देशों के बीच फाइनल ट्रेड डील दूर नहीं है।
भारत और अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कई बार आमने-सामने या फिर वर्चुअल मोड में बातचीत कर चुके हैं। यह प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है और महीने के अंत तक फाइनल डील का ऐलान किया जा सकता है। मामले के एक जानकार ने कहा कि फिलहाल भारत और अमेरिका वर्चुअल मोड में बात कर रहे हैं। इसी महीने के आखिरी तक छठे चरण की वार्ता होगी। इसमें अधिकारी आमने-सामने बैठकर बात करेंगे और जो भी मतभेद रह गए हैं उनको दूर करने का पूरा प्रयास करेंगे। बताया जा रहा है कि अमेरिका की टीम 24 अगस्त को भारत पहुंच सकती है।
बता दें कि 30 जुलाई को डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत 68 देशों पर टैरिफ का ऐलान किया था। उन्होंने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ थोपने का फैसला किया। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप रूस और भारत के रिश्तों को लेकर झल्लाए हुए थे। वह चाहते हैं कि भारत रूस के साथ व्यापार बंद कर दे। वहीं भारत कुल आयात का एक तिहाई तेल रूस से ही खरीदता है। ट्रंप ने कहा था, मुझे बिल्कुल परवाह नहीं है कि भारत रूस के साथ क्या करता है। वे अपनी मरी हुई अर्थव्यवस्था को और खराब कर सकते हैं, मुझे कोई परवाह नहीं।
यूएस एनर्जी इन्फॉर्मेशन ऐडमिनिस्ट्रेशन (EIA) के मुताबिक 2023 में रूस ही भारत का मुख्य एनर्जी सोर्स था। भारत रूस से 39 फीसदी कच्चा तेल आयात कर रहा था। वहीं इराक से 19 फीसदी, सऊदी अरब से 16, यूएई से 5 और अमेरिका से 4 फीसदी आयात हो रहा था। 2022 में अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ने रूस पर प्रतिबंध लगा दिए थे। वहीं रूस ने भारत को डिस्काउंट देना शुरू कर दिया। मामले के जानकार व्यक्ति ने कहा कि इस डील में इतना समझौता जरूर हो सकता है कि भारत अमेरिका से तेल आयात बढ़ा दे। हालांकि अन्य देशों से तेल खरीद को लेकर भारत अपना पक्ष मजबूती से रख रहा है। भारत अमेरिका, मध्य एशिया और रूस समेत करीब 40 देशों से तेल आयात करता है। भारत की यह नीति आगे भी चलती रहेगी।
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