मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा इंडिया गठबंधन – Hindustan

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। संसद से चुनाव आयोग तक मार्च, जनपथ से जंतर मंतर, कनॉट प्लेस से राष्ट्रपिता की समाधि और राष्ट्रपति भवन तक गुहार के बाद अब इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) एक बार फिर सड़क पर उतरेगा। इंडिया गठबंधन सोमवार को वोट चोरी के खिलाफ मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपेगा। इंडिया गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट तक इस मार्च में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित इंडिया गठबंधन के कई बड़े नेता और सांसद हिस्सा लेंगे। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सीजेआई से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपने के लिए घटकदलों से संपर्क किया जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। सोमवार को इंडिया गठबंधन के नेता सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलेंगे। इस बारे में उन्होंने और राहुल गांधी ने सीजेआई को पत्र भी लिखा है। खरगे के मुताबिक, सोमवार शाम चार से पांच बजे के बीच बैठक तय की गई है। हमारी उनसे कोई मांग नहीं है।
‘सीजेआई से हमारी कोई मांग नहीं’
खरगे ने कहा कि सीजेआई से हम कोई मांग नहीं करेंगे, पर हाथ जोड़कर अपनी चिंताएं उनके सामने रखेंगे और उनसे दखल देने का अनुरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरे देश में अफरातफरी का माहौल बना दिया है। देश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं और विपक्ष इसके खिलाफ लड़ता रहेगा। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इंडिया गठबंधन के घटक दलों के वरिष्ठ नेताओं से राहुल गांधी ने खुद संपर्क साधा है। सूत्रों का कहना है कि सोमवार को होने वाले धरना प्रदर्शन के लिए शिवसेना (यूबीटी) और राजद नेता तेजस्वी यादव से संपर्क साधा गया है। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि ये नेता मार्च में हिस्सा लेंगे या नहीं।
पूरे देश में आवाज गूंजेगी : राहुल
राहुल गांधी एक दिन पहले ही सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कह चुके हैं कि सोमवार को कांग्रेस, पूरा इंडिया गठबंधन और देश के युवा बड़ी संख्या में एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे। इस बार भी आवाज पूरे देश में गूंजेगी। उन्होंने कहा कि हम डरने वाले नहीं हैं। पीछे हटने वाले नहीं हैं। लड़ाई अब नहीं रुकेगी। राहुल गांधी के मुताबिक, सोमवार को हम मुख्य न्यायाधीश से भी मिलेंगे और मांग करेंगे कि जब दिल्ली की सड़कों पर संविधान को तार-तार किया जा रहा है और लोकतंत्र को कुचला जा रहा है, तब कानून के संरक्षक आंखों पर पट्टी डालकर नहीं बैठ सकते। हालांकि, इंडिया गठबंधन के मार्च से पहले रविवार को कोर्ट ने कई अहम आदेश दिए हैं।
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