अपनी बेबाक और दोटूक बयानबाजी के लिए मशहूर समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इंडिया गठबंधन की बैठक के दौरान ऐसी बात कही कि कांग्रेस उलझन में पड़ गई। बीते सोमवार यानी कि 8 जून को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई विपक्षी गठबंधन की अहम बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने कुछ कांग्रेसी नेताओं से ऐसी बात कही कि वे अब तक कयास लगाने में जुटे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव ने अनौपचारिक बातचीत के दौरान कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं से सीधे तौर पर कहा, “मुझे अच्छी तरह पता है कि आपकी पार्टी कांग्रेस के कौन-कौन से लोग पीठ पीछे मेरे और मेरी पार्टी के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं।”
दिलचस्प बात यह रही कि अखिलेश यादव ने इस दौरान कांग्रेस के किसी भी नेता का स्पष्ट नाम नहीं लिया। उनके इस सस्पेंस भरे अंदाज ने वहां मौजूद कांग्रेसी नेताओं को गहरी सोच में डाल दिया है कि आखिर अखिलेश का इशारा किस गुट या नेता की तरफ था।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अखिलेश यादव का यह गुस्सा बेवजह नहीं है। राजनीतिक गलियारों में यह बात किसी से छिपी नहीं है कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) के कई राज्य स्तरीय और क्षेत्रीय नेता समाजवादी पार्टी के साथ इस गठबंधन को लेकर सहज नहीं हैं। उत्तर प्रदेश के कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता निजी बातचीत और बंद कमरों की बैठकों में अक्सर अखिलेश यादव की कार्यशैली और सपा के प्रभुत्व पर सवाल उठाते रहते हैं।
उत्तर प्रदेश के इन नेताओं का मानना है कि सपा के साथ लगातार गठबंधन में रहने से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का अपना पारंपरिक जनाधार और सांगठनिक ढांचा पूरी तरह खत्म हो रहा है। यही वजह है कि वे समय-समय पर अकेले चुनाव लड़ने या सपा पर आक्रामक रुख अपनाने की वकालत करते हैं, जो बातें छनकर अखिलेश यादव तक पहुंच रही हैं।
करीब दो साल बाद सोमवार को हुई इस बड़ी बैठक में सिर्फ अखिलेश यादव ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के तेजस्वी यादव और वामपंथी नेताओं ने भी कांग्रेस के रवैये पर खुलकर नाराजगी जताई। सहयोगी दलों ने कांग्रेस नेतृत्व को याद दिलाया कि राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उसे गठबंधन को जोड़ने वाली गोंद की तरह काम करना चाहिए, न कि राज्यों में क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ ही प्रतिस्पर्धा शुरू कर देनी चाहिए। बैठक के अंत में राहुल गांधी ने भी बेहद सौहार्दपूर्ण रुख अपनाते हुए सहयोगियों की शिकायतों को स्वीकार किया और गठबंधन को एकजुट रखने का भरोसा दिया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में झालमुड़ी की खूब चर्चा हुई। सोमवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों की बैठक हुई, जिसमें शिवसेना (UBT) नेता उद्धव ठाकरे और संजय राउत वर्चुअल तरीके से शामिल हुए। वे महाराष्ट्र में एक पारिवारिक कार्यक्रम में व्यस्त थे। चर्चा के दौरान संजय राउत कुछ खाते हुए दिखे। कई लोगों ने मुंबई का मशहूर स्नैक भेल-पुरी समझा। TMC के एक नेता ने मजाक में कहा कि शिवसेना (UBT) नेता अकेले ही भेल-पुरी का मजा ले रहे हैं। बैठक के दौरान राउत ने ज्यादा कुछ नहीं कहा, लेकिन बाद में TMC नेता को मैसेज करके बताया कि वे भेल-पुरी नहीं, बल्कि महाराष्ट्र का एक और मशहूर स्नैक पोहा खा रहे थे।
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