मुरादाबाद के बलिया गांव में तेंदुए ने झोपड़ी में सो रहे दिव्यांग जगराज को खींचकर मार डाला। यह बलिया गांव …और पढ़ें
सांकेतिक तस्वीर।
मुरादाबाद के बलिया में तेंदुए का आतंक जारी
ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है
दिव्यांग को नोचकर मारा
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा क्षेत्र के बलिया गांव में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार रात तेंदुए ने गांव के बाहर झोपड़ीनुमा घर में सो रहे दिव्यांग जगराज को अपना निवाला बना लिया। तेंदुआ उसे घर से खींचकर बाहर ले गया और हमला कर मार डाला।
शनिवार सुबह घटना की जानकारी होने पर गांव में दहशत फैल गई। बलिया में तेंदुए के हमले से यह तीसरी मौत होने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है।
जगराज का घर गांव की आबादी से बाहर है। झोपड़ीनुमा घर में दरवाजा तक नहीं लगा था। ग्रामीणों के मुताबिक तेंदुए की लगातार मौजूदगी के कारण परिवार को पहले से ही अनहोनी का डर बना रहता था। इसके बावजूद गरीबी और संसाधनों के अभाव में परिवार इसी असुरक्षित घर में रहने को मजबूर था। रात में तेंदुआ झोपड़ी के भीतर पहुंचा और जगराज को खींचकर बाहर ले गया।
तेंदुए ने जगराज के शरीर को बुरी तरह नोच डाला। उसकी पीठ का लगभग पूरा मांस तेंदुआ खा गया। सुबहक्षत-विक्षत शव देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। महिलाओं और बच्चों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों के बावजूद तेंदुए का खौफ खत्म नहीं हुआ है। लोग शाम होते ही घरों में कैद हो जा रहे हैं और रात में खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं।
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घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भी आक्रोश है। उनका कहना है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान चल रहा है, लेकिन हमले लगातार जारी हैं। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने और गांव के बाहर बने असुरक्षित घरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
डीएफओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमें मौके पर भेजी गई हैं। तेंदुए की गतिविधि को ट्रैक करने के साथ उसे पकड़ने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।