'मैं तुम्हारा बॉस हूं, इससे बात आसान हो जाती है', ऐसा लिखकर चर्चित मैगजीन 'तहलका' के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल ने पीड़िता को ईमेल लिखा था, जिसमें उन्हो …और पढ़ें
तरुण तेजपाल।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने तरुण तेजपाल को दोषी करार दिया।
2013 गोवा यौन उत्पीड़न मामले में 10 साल की सजा।
पीड़िता को भेजा गया ईमेल अहम सबूत बना।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। गोवा के एक फाइव स्टार होटल में साल 2013 के दौरान हुए बहुचर्चित यौन उत्पीड़न मामले में चर्चित मैगजीन ‘तहलका’ के पूर्व संपादक और वरिष्ठ पत्रकार तरुण तेजपाल को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोषी करार दिया।
साथ ही 10 साल की कठोर सजा भी सुनाई। ऐसे में जब एक बार फिर यह मामला प्रकाश में आया, तब तरुण तेजपाल द्वारा घटना के बाद पीड़िता को भेजा गया एक ईमेल सबसे अहम सबूत के तौर पर सामने आया है।
शुरुआत से बात करें तो यह घटना 7 और 8 नवंबर 2013 की है। गोवा में तहलका द्वारा आयोजित ‘थिंकफेस्ट’ इवेंट के दौरान तरुण तेजपाल पर एक महिला जूनियर पत्रकार ने होटल के लिफ्ट में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
इस मामले का एक एंगल यह भी है कि मई 2021 में निचली अदालत ने तरुण तेजपाल को बरी कर दिया था। हालांकि गोवा सरकार ने इस फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की, जहां हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए उन्हें दोषी ठहराया।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में उस ईमेल का जिक्र किया, जो तरुण तेजपाल ने घटना के कुछ दिन बाद यानी 19 नवंबर 2013 पीड़िता को भेजा था। अभियोजक पक्ष का कहना था कि इस ईमेल में तेजपाल ने अपनी गलती मान ली थी, जबकि बचाव पक्ष के वकील का तर्क था कि यह ईमेल केवल आपसी सहमति से हुई बातचीत को लेकर था।
तरुण तेजपाल ने ईमेल में लिखा ,’वह अपने शर्मनाक हरकत के लिए बिना शर्त माफी मांगते हैं। उन्होंने माना कि पीड़िता उनके एक पुराने सहकर्मी की बेटी थीं और उनके बीच लंबे समय से भरोसे और सम्मान का रिश्ता था, जिसे उन्होंने तोड़ दिया।
तेजपाल ने लिखा कि उन्होंने 7 और 8 नवंबर को दो बार यौन संबंध बनाने की कोशिश की, जबकि महिला ने साफ तौर पर अपनी अनिच्छा जताई थी और वह ऐसा नहीं चाहती थी।
ईमेल में तरुण तेजपाल ने उस बातचीत का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने अपने पद का इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की थी। तेजपाल ने लिखा था कि मुझे पता है कि आपको लगता है कि मैंने तहलका के संपादक के रूप में अपने पद का इस्तेमाल किया और जब आपने कहा कि मैं आपका बॉस हूं, तो मैंने जवाब दिया था ,’इससे बात और आसान हो जाती है’। हालांकि, मैंने तुरंत अपने शब्द वापस ले लिए थे और कहा था कि मैं इन्हें तुरंत वापस लेता हूं।
तरुण तेजपाल ने आगे लिखा कि वह महिलाओं के अधिकारों की बात करते रहे हैं और इस स्थिति में खुद को पाकर वह बेहद शर्मिंदा हैं। उन्होंने कहा कि वह इसे पागलपन का समय कहकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते। अंत में उन्होंने लिखा था कि अगर एक माफी से जख्म भर सकें, तो कृपया इसे एक बिना शर्त माफी मानें।
हालांकि अब जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने तेजपाल को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। तब तेजपाल के बयान में बदलाव देखने को मिला। सजा सुनाए जाने के बाद तरुण तेजपाल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की भावना करार दिया। उन्होंने दावा किया कि तहलका के पुराने कामों की वजह से उन्हें पिछले 13 सालों से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे इस मामले के सबूत जनता के सामने रखेंगे।
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