CJI सूर्यकांत ने पहली बार सोमवार को कैमरे के सामने आकर बताया है कि उन्होंने विपक्ष से मिलने से इनकार कर दिया है। हालांकि, उन्होंने इसकी वजह नहीं बताई है। उन्होंने कहा है कि इस संबंध में पत्र के जरिए जवाब दिया गया है, जिसमें नहीं मिल पाने के कारण शामिल हैं। खास बात है कि INDIA गठबंधन ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का ऐलान किया है। इससे पहले कांग्रेस ने कहा था कि भारत के मुख्य न्यायाधीश से मिलने के लिए समय मांगा गया है।
सीजेआई ने जानकारी दी है कि उन्हें पत्र मिला था, लेकिन बाहर यात्रा पर होने के चलते जवाब नहीं दे सके थे। उन्होंने कहा, ‘पत्र उनका परसों का है। मैं कल बाहर था, तो उनका पत्र मुझे मिला था। मैंने रात में उसका जवाब दे दिया है। मैंने कुछ कारण उसमें दिए हैं, जिसमें मैंने अपनी असमर्थता जताई है कि मैं मिल नहीं पाऊंगा।’
सीजेआई ने कारण पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘देखिए पत्र में क्या है, ये आप उनको पूछिए। मैंने उस पत्र की गोपनीयता बनाए रखी है।’ उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के द्वार सभी के लिए खुले हैं। कोई भी याचिका, चाहे आम नागरिक है या माननीय सदस्य है। कोई भी है। भारत के हर नागरिक का अधिकार है, हमारे पास आएं। हम कानून की व्यवस्था को और कानून के अनुरूप समस्या की सुनवाई करेंगे और जो जिसको बनता है, उसे उसका अधिकार देंगे।’
पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर आदेश जारी नहीं किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि सीजेआई सूर्यकांत ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक स्तर पर कार्यपालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। हालांकि, पत्र में क्या लिखा है, इसे लेकर जानकारी सार्वजनिक अब तक नहीं की गई है।
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सीजेआई सूर्यकांत के तरफ से मीटिंग से इनकार किए जाने के बाद विपक्ष सीजेआई पर सवाल उठा रहा है। शिवसेना उद्धव बालासाहब ठाकरे से राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, ‘INDIA गठबंधन का बहुत बड़ा मोर्चा सुप्रीम कोर्ट की तरफ निकलेगा। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलने का समय मांगा गया है। लेकिन हमें पता चला है कि मुख्य न्यायाधीश हमसे नहीं मिलेंगे। कारण बताया जा रहा है कि उन्हें ये अधिकार नहीं है। जनता संकट में है और मुख्य न्यायाधीश जनता से मिलने को तैयार नहीं है।’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को कहा था, ‘हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। कल हम भारत के मुख्य न्यायाधीश से भी मिलने वाले हैं। मैंने एक पत्र लिखा है और राहुल गांधी ने भी पत्र लिखा है। हमने शाम 4 से 5 बजे के बीच एक बैठक तय की है, जिसमें हम उन्हें हालात के बारे में बताएंगे। हम उनसे कोई मांग तो नहीं कर सकते, लेकिन हाथ जोड़कर अपनी चिंताएं उनके सामने रखेंगे और उनसे दखल देने का अनुरोध करेंगे।’
उन्होंने कहा था, ‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने पूरे देश में अफरातफरी का माहौल बना दिया है। देश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं और हम इसके खिलाफ लड़ते रहेंगे। कल लगभग 32,000 पुलिसकर्मी और 7,500 CRPF जवान तैनात किए गए थे। इससे पता चलता है कि सरकार युवाओं के आंदोलन से कितना डरी हुई है।’
निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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