'यह गैर-धार्मिक और यह गैर-कानूनी है', ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने परमाणु बम बनाने की मंशा से किया इनकार – irans pezeshkian denies nuclear weapons open to inspection news in hindi – jagran.com

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने परमाणु हथियार विकसित करने की किसी भी योजना या मंशा को सिरे से खारिज कर दिया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान।
ईरानी राष्ट्रपति ने परमाणु हथियार बनाने की मंशा को सिरे से नकारा।
ईरान अंतरराष्ट्रीय जांच और यूरेनियम कम करने को पूरी तरह तैयार।
परमाणु हथियार धार्मिक रूप से अवैध, खामेनेई ने कई बार कहा।
डिजिटल डेस्क, न्यूयॉर्क। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तेज हो रही चर्चा के बीच अब ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने ईरान के परमाणु हथियार विकसित करने की किसी भी योजना या मंशा को सिरे से खारिज कर दिया है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान न्यूयॉर्क में ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए एक इंटरव्यू में पेजेशकियान ने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच कराने और अपने संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को कम करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
इंटरव्यू के दौरान जब राष्ट्रपति पेजेशकियान से पूछा गया कि क्या ईरान परमाणु बम बनाना चाहता है, तो उन्होंने साफ शब्दों में जवाब दिया कि बिल्कुल नहीं.. बिल्कुल नहीं। हमारे सम्मानित और दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कई बार यह घोषणा की है कि धार्मिक दृष्टिकोण से यह परमाणु हथियार पूरी तरह से अवैध है।
पेजेशकियान ने दोहराया कि ईरान सामूहिक विनाश के ऐसे हथियारों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि हम अपने संवर्धित यूरेनियम को कम करने के लिए तैयार हैं। यह कोई बड़ी बात नहीं है। हम अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण के सामने खुद को पेश करने को पूरी तरह तैयार हैं।
बता दें कि यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान का परमाणु कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की कड़ी निगरानी और जांच के घेरे में है।
हाल ही में IAEA ने कहा था कि उसे ईरान के परमाणु संयंत्रों और सामग्रियों की सही स्थिति की जानकारी नहीं मिल पा रही है, जिससे सुरक्षा निगरानी प्रभावित हो रही है। इसी के चलते 9 सितंबर को IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने ईरान के परमाणु गैर-अनुपालन के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को भेज दिया था।
गौर करने वाली बात यह है कि इस तनाव के लिए ईरान के राष्ट्रपति ने सीधे तौर पर अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत का रास्ता अपनाने के बजाय अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई और बमबारी का रास्ता चुना। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान का सैन्य जवाब केवल रक्षात्मक था और वे आगे टकराव नहीं बढ़ाना चाहते हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का यह रुख रहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका का मुख्य उद्देश्य है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और उन्हें उम्मीद है कि अंततः कोई समझौता निकल आएगा, लेकिन ईरान को परमाणु ताकत बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News