प्रयागराज में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र में गुरुवार को ‘डिजिटल युग में हिंदी’ विषय पर एक संगोष्ठी हुई। यह कार्यक्रम हिंदी माह के तहत कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा के संरक्षण में आयोजित किया गया। इसमें डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव के बीच हिंदी की भूमिका, संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा की गई।
उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अमित मालवीय मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हिंदी की प्रासंगिकता लगातार बढ़ रही है। इंटरनेट और डिजिटल संचार माध्यमों के विस्तार ने हिंदी के प्रयोग और प्रचार-प्रसार के लिए नए अवसर दिए हैं।
डॉ. मालवीय ने बताया कि डिजिटल माध्यमों से हिंदी की पहुंच अब पूरी दुनिया तक हो रही है। सूचना स्रोतों के डिजिटलीकरण के साथ भाषा के मानकीकरण पर भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय ने हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं को डिजिटल दुनिया में बढ़ावा देने के लिए यूनिकोड को अपनाने और उसके विकास में अहम भूमिका निभाई है।
क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज के अकादमिक निदेशक प्रो. अखिलेश कुमार दुबे ने कहा कि डिजिटल माध्यमों ने हिंदी को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज हिंदी वेबसाइट, सोशल मीडिया, डिजिटल पत्रकारिता, ब्लॉग, पॉडकास्ट और ऑनलाइन शिक्षा में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की जा रही है। उन्होंने डिजिटल होती दुनिया पर एक कविता भी पढ़ी।
स्त्री अध्ययन विभाग की सह-आचार्य डॉ. सुप्रिया पाठक ने स्वागत भाषण में हिंदी को संपर्क और संवाद की भाषा बताया। संगोष्ठी में सोशल मीडिया, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और बदलते संचार माध्यमों के दौर में हिंदी की भूमिका पर भी विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम का संचालन भाषा विज्ञान की सहायक आचार्य डॉ. विजया सिंह ने किया। आभार जनसंचार विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अख्तर आलम ने जताया। इस दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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