US-Iran Peace Talks: अमेरिका कह रहा है सारा यूरेनियम जमा करो, ईरान कह रहा है जो करना है कर लो नहीं करेंगे, इसके बाद होर्मुज पर दोनों देशों के अपने अलग-अलग टैंट्रम चल रहे हैं. इस बीच खबर है कि आज ही दोनों के बीच कोई समझौता होने की खुशखबरी आ सकती है.
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Iran US News: आज ही मिडिल ईस्ट के जंग के मोर्चे से अच्छी खबर आ सकती है. माना जा रहा है कि तमाम ना-नुकुर के बाद अमेरिका और ईरान दोनों एक डील पर पहुंच सकते हैं. इस बीच इस्लामाबाद से खबर आई कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर तेहरान जा रहे हैं ताकि थोड़ी बहुत ऊंच नीच हो तो मामला लटक न जाए. हालांकि अब भी कुछ लोगों को लगता है कि शांति का मामला हर बार की तरह यूरेनियम में आकर अटक जाएगा.
यूरेनियम पर अड़े मोजतबा
इस बीच रॉयटर्स द्वारा उद्धृत दो वरिष्ठ ईरानी सूत्रों के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने आदेश दिया है कि चाहे कुछ हो जाए तेहरान के पास मौजूद सारा एनरिच्ड यूरेनियम का भंडार ईरान के भीतर ही रहना चाहिए. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने इजरायल को आश्वासन दिया था कि किसी भी समझौते के तहत ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को विदेश भेजना अनिवार्य होगा.
हालांकि, दूसरी ओर ईरानी अधिकारियों का मानना है कि यूरेनियम देने से उनका देश भविष्य में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए जाने वाले हमलों के प्रति और असुरक्षित हो जाएगा. ऐसे में अब इंटरनेशनल एटॉमिक एजेंसी आईएईए की निगरानी में ईरान के यूरेनियम को डायलूट करने जैसे विकल्पों की चर्चा चल रही है.
ट्रंप ने कहा बातचीत आखिरी चरण में
हाल ही में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ वार्ता अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है, जिससे मिडिल ईस्ट में तीन महीने से जारी तनाव खत्म होने की उम्मीद जगी है. हालांकि, ट्रंप ने ये चेतावनी भी दी है कि अगर कूटनीति से कोई स्थायी समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर मार करना यानी हमला करना एक विकल्प बना रहेगा.
8 अप्रैल से जारी सीजफायर पहले दिन से नाजुक मोड़ पर टिका हुआ है. युद्धविराम की मियाद खत्म हुए डेढ़ महीना हो गया, कई दौर की बातचीत के बावजूद अबतक किसी भी शांति समझौते पर आखिरी सहमति नहीं बनी है.
पाकिस्तान बना बिचौलिया
पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच वार्ता में एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में उभरा है. पिछले महीने, इस्लामाबाद ने उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की भागीदारी वाली एक उच्च स्तरीय शिखर बैठक की मेजबानी की थी.
हालांकि दोनों पक्षों के अड़े होने के चलते वो बातचीत भी नाकाम रही थी. हालांकि वाशिंगटन और तेहरान आज भी कई गुप्त प्रस्तावों और प्रतिप्रस्तावों के जरिए राजनयिक रूप से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं.
इसी पृष्ठभूमि में असीम मुनीर की तेहरान यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि इससे दोनों पक्षों के बीच बचे मतभेद कम करने में मदद मिल सकती है. इसी कड़ी में अराघची ने पाकिस्तानी नेता मोहसिन नकवी से भी मुलाकात की है.
इस रिपोर्ट ने उड़ाए अमेरिका के होश
इस बीच एक रिपोर्ट में पता चला है कि ईरान उम्मीद से तेजी से अपना सैन्य औद्योगिक ढांचा फिर से खड़ा कर रहा है. अमेरिकी खुफिया इनपुट के मुताबिक ईरान 6 महीनों में अपनी ड्रोन हमला क्षमता पूरी तरह से बहाल कर सकता है.
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श्वेतांक रत्नाम्बर पत्रकारिता जगत में 22 साल का अनुभव रखते हैं. देश-दुनिया की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत रखने वाले श्वेतांक को राजनीतिक और अंतर्राष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ है. ZEE न्यूज…और पढ़ें
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