यूरोपीय यूनियन और इसराइल के संबंध पर स्पेन के पीएम सांचेज़ से भिड़े इसराइली विदेश मंत्री – BBC

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने कहा है कि 'अब समय आ गया है जब यूरोपीय यूनियन को इसराइल के साथ अपने संबंध तोड़ लेने चाहिए.'
रौनक भैड़ा, चंदन कुमार जजवाड़े
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बाबर ने पानीपत की लड़ाई में किस तरह से इब्राहीम लोदी को दी थी मात
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स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने कहा है कि 'अब समय आ गया है जब यूरोपीय यूनियन को इसराइल के साथ अपना एसोसिएशन एग्रीमेंट तोड़ लेना चाहिए.'
उन्होंने कहा, ''हमें इसराइल के लोगों से कोई शिकायत नहीं है; बल्कि इसके विपरीत जो सरकार अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करती है और इस तरह यूरोपीय यूनियन के सिद्धांतों और मूल्यों का भी, वह हमारी साझीदार नहीं हो सकती.''
उन्होंने एक्स पर अपनी पोस्ट में बड़े अक्षरों के साथ लिखा, "युद्ध नहीं (NO TO WAR)."
पेड्रो सांचेज़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपना यह बयान साझा किया है. उनके इस बयान पर इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
गिदोन सार ने पेड्रो सांचेज़ को टैग करते हुए एक्स पर लिखा, ''हम ऐसे किसी भी व्यक्ति की पाखंडपूर्ण व्याख्या स्वीकार नहीं करेंगे, जिसके संबंध उन तानाशाही शासनों से हैं जो मानवाधिकारों का उल्लंघन करते हैं. जैसे कि अर्दोआन का तुर्की या मादुरो का वेनेज़ुएला.''
उन्होंने आगे लिखा, ''एक ऐसी सरकार जिसे ईरान के क्रूर शासन और आतंकवादी संगठनों से सराहना मिलती है और जिसने ख़ुद को यहूदी-विरोध फैलाने के लिए समर्पित कर दिया है.''
गिदोन सार ने पेड्रो सांचेज़ की भाषा को कॉपी करते हुए लिखा, ''स्पेन के नागरिकों के प्रति हमारे मन में कोई दुर्भावना नहीं है, बल्कि इसके विपरीत हमारी आपत्ति सांचेज़ की सरकार के दोहरे मापदंडों के ख़िलाफ़ है.''
तमिलनाडु के विरुधुनगर ज़िले के कट्टनरपत्ती क्षेत्र में स्थित एक पटाखा फ़ैक्ट्री में हुए विस्फोट में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई है और छह अन्य लोग घायल हो गए हैं. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
यह पटाखा फैक्ट्री विरुधुनगर ज़िले के वाचक्करपट्टी पुलिस थाने के अंतर्गत कट्टानारपट्टी इलाक़े में मौजूद है. इस फ़ैक्ट्री में 50 से अधिक कमरे हैं और इसमें 100 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं.
रविवार दोपहर इस फ़ैक्ट्री में अचानक विस्फोट हो गया. विस्फोट सामने के बरामदे में हुआ, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर घायल हो गए.
ज़िला अग्निशमन अधिकारी गणेशन ने बीबीसी तमिल को बताया, "यहाँ हादसे के बाद पटाखे लगातार फटते रहे, जिससे बचाव के काम में मुश्किलें आईं."
विरुधुनगर पटाखों और माचिस के निर्माण के लिए मशहूर है.
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आईपीएल- 2026 के 29वें मुक़ाबले में पंजाब किंग्स की ओर से प्रियांश आर्य ने छक्के और चौकों की झड़ी लगा दी.
लखनऊ सुपरजाइंट्स के ख़िलाफ़ खेले जा रहे इस मुक़ाबले में प्रियांश आर्य ने 37 गेंदों पर 93 रन रन की पारी खेली. उन्होंने अपनी पारी में 9 छक्के और 4 चौके जड़े.
ख़बर लिखे जाने तक 16 ओवर में पंजाब का स्कोर चार विकेट के नुक़सान पर 196 रन है.
प्रियांश आर्य के साथ ही मैच में कूपर कोनोली ने भी धमाकेदार पारी खेली. उन्होंने 41 गेंदों पर सात चौके और सात छक्कों की मदद से 81 रनों की पारी खेली.
दोनों बल्लेबाज़ों ने दूसरे विकेट के लिए 182 रनों की साझेदारी की. यह आईपीएल में किसी भी विकेट के लिए पंजाब की तरफ से सबसे बड़ी साझेदारी है.
मैच में महज़ तीन रन पर एक विकेट खोने के बाद पंजाब की पारी को इन दोनों बल्लेबाज़ों ने संभाला और पंजाब की टीम बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रही है.
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ईरानी नागरिक उड्डयन संगठन ने देश के मशहद हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करने की अनुमति देने की घोषणा की है.
संगठन की घोषणा के अनुसार, इस हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सोमवार से दोबारा शुरू हो जाएंगी और लोग मशहद आने-जाने वाली विदेशी यात्राओं के लिए टिकट ख़रीद सकेंगे.
नागरिक उड्डयन संगठन ने यह भी कहा कि घरेलू उड़ान टिकटों की बिक्री के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है.
संगठन ने शनिवार को बताया कि ईरान के हवाई क्षेत्र का एक हिस्सा और कई एयरपोर्ट फिर से चालू कर दिए गए हैं और देश के पूर्वी हिस्से में हवाई मार्ग अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए खोल दिए गए हैं.
ईरानी एयरलाइंस एसोसिएशन के सचिव मग़सूद असदी समानी ने भी शनिवार को कहा कि तेहरान में इमाम खुमैनी और मेहराबाद हवाई अड्डों के साथ ही मशहद, बिरजंद, गोरगन और जाहेदान के हवाई अड्डे फिर से खुल गए हैं.
उन्होंने कहा कि एयरलाइंस घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करने की तैयारी कर रही हैं.
इसराइल और अमेरिका के हमलों के बाद से ईरान का हवाई क्षेत्र पूरी तरह से बंद कर दिया गया था. युद्ध के दौरान इसराइल और अमेरिका ने कई ईरानी हवाई अड्डों को भी निशाना बनाया.
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महिला आरक्षण के लिए बनाए गए राष्ट्रीय गठबंधन (एनसीडब्लूआर) ने एक बयान जारी कर महिला आरक्षण कानून को फौरन लागू करने की मांग की है.
अपने बयान में एनसीडब्लूआर ने कहा, ''हम 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं. यह पद का पक्षपातपूर्ण दुरुपयोग है, जिससे आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की गंभीर आशंका पैदा होती है.''
''किसी प्रधानमंत्री के लिए यह अत्यंत अनुचित है कि वह जेंडर जस्टिस को राजनीतिक लाभ के लिए हथियार बनाए, राष्ट्रीय मंच का उपयोग विपक्ष को बदनाम करने और महिलाओं के साथ विश्वासघात की झूठी कहानी गढ़ने के लिए करें.''
एनसीडब्लूआर ने आरोप लगाया है कि साल 2023 में महिला आरक्षण लागू करने के लिए शर्तों को शामिल करना महिलाओं के साथ धोखा था.
एनसीडब्लूआर ने साल 2023 में पास हुए महिला आरक्षण कानून से जुड़ी शर्तों को संसद के मानसून सत्र में संशोधन विधेयक लाकर उसे हटाने और क़ानून को फौरन लागू करने की मांग है.
एनसीडब्लूआर ने कहा है, ''हम संसद में विपक्ष के उस हस्तक्षेप का स्वागत करते हैं, जिसने 'पिछले दरवाजे' से परिसीमन लागू करने के प्रयासों को रोका.''
दरअसल 'महिला आरक्षण' से जुड़ा कानून साल 2023 में संसद से पारित हो चुका है. इस विधेयक में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फ़ीसदी आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है.
बिल में कहा गया है कि जनगणना के आंकड़ों और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इसके प्रावधान लागू हो सकेंगे. परिसीमन में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर सीमाएं तय की जाती हैं.
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ब्रिटेन में उत्तरी लंदन के एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर हुए हमले की प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने निंदा दी है. पीएम स्टार्मर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में आगजनी की इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने लिखा, ''यह एक घिनौनी हरकत है और इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हमारे यहूदी समुदाय पर होने वाले हमले, असल में ब्रिटेन पर किए गए हमले हैं.''
''हम पुलिस की तैनाती बढ़ा रहे हैं, और इन हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को ढूँढ़कर उन्हें सज़ा दिलाई जाएगी. हम अपराधियों को पकड़ने की अपनी कोशिशों में तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, जब तक वे पकड़े नहीं जाते.''
इससे पहले स्थानीय समय के अनुसार शनिवार रात को उत्तरी लंदन के एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर हमला किया गया था.
अंग्रेज़ी अख़बार द गार्डियन के मुताबिक़ उत्तर-पश्चिम लंदन के एक यहूदी प्रार्थना-स्थल (सिनेगॉग) पर आग लगाने की कोशिश की घटना सामने आई है. इससे पहले भी इस तरह की कई घटनाएँ हो चुकी हैं.
अख़बार ने कम्युनिटी सिक्योरिटी ट्रस्ट के हवाले से बताया है कि शनिवार रात हुई इस घटना से इमारत के अंदर के एक कमरे में धुएँ से थोड़ा-बहुत नुकसान हुआ, लेकिन किसी को चोट नहीं आई और न ही इमारत को कोई बड़ा नुक़सान हुआ है.
यह इमारत एक स्कूल और बच्चों के खेल के मैदान के पास स्थित है.
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अमेरिका और इसराइल की ओर से ईरान को 'नंबर वन आतंकवादी देश' कहे जाने पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने प्रतिक्रिया दी है.
मुंबई में ईरान के कॉन्सुलेट जनरल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान का एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में पेज़ेश्कियान ईरान के ऊपर लगने वाले आरोपों का जवाब दे रहे हैं.
पेज़ेश्कियान ने कहा, ''अमेरिका और इसराइल ने युद्ध को किस तरह उचित ठहराया. इसराइल इस क्षेत्र में क्या कर रहा है- वह ग़ज़ा, लेबनान, सीरिया, ईरान और अन्य जगहों पर किसी के भी साथ क्या करता है?''
''वह (इसराइल) धमकी देता है और लोगों की हत्या करता है. वो ऐसी हत्याओं को अपनी वेबसाइट पर पोस्ट करता है और कहता है कि फलां शख़्स को मारेंगे.''
पेज़ेश्कियान के मुताबिक़, ''अमेरिका और कुछ अन्य देश कहते हैं कि ईरान आतंकवादियों का गढ़ है. वे बस ये बताएं कि हमने किसे मारा है, जबकि वे खुलकर लोगों को मार रहे हैं.''
''वो आएं और जिन्हें मारना है मार दें. बेक़सूर लोगों, बच्चों और बुज़ुर्गों पर बम न गिराएं. जिन्हें मारना हैं उन्हें मारें, लेकिन वो इसकी जगह कई लोगों को मार रहे हैं और मानवाधिकार वाले पूरी तरह से ख़ामोश हैं. संयुक्त राष्ट्र क्या कर रहा है, अंतरराष्ट्रीय कानून कहां है?''
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आईआरजीसी (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) से जुड़ी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट में ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी जारी है और “ईरानी सशस्त्र बलों ने रविवार को इस समुद्री मार्ग से गुज़रने की कोशिश कर रहे दो और तेल टैंकरों को वापस लौटा दिया."
तस्नीम का कहना है कि ये टैंकर, "बोत्सवाना और अंगोला के झंडों के साथ चल रहे थे और होर्मुज़ से गुज़रना चाहते थे, लेकिन ईरान के सशस्त्र बलों की समय पर की गई कार्रवाई के कारण उन्हें अपना रास्ता बदलने और पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा."
ईरान ने अपने पोर्ट्स पर अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में होर्मुज़ स्ट्रेट को शनिवार को फिर से बंद कर दिया है. ईरान ने कहा है कि जब तक अमेरिका ईरानी पोर्ट्स पर अपनी नाकेबंदी हटा नहीं लेता है, तब तक होर्मुज़ स्ट्रेट बंद रहेगा.
शनिवार को इस अहम शिपिंग कॉरिडोर से कुछ समुद्री जहाज गुजरे थे. लेकिन ईरान ने इसे फिर से बंद करने का एलान कर दिया.
शनिवार को कुछ जहाज़ों ने बताया था कि होर्मुज़ स्ट्रेट को पार करने की कोशिश में उन पर हमला किया गया.
शनिवार को ही होर्मुज़ स्ट्रेट में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से दो भारतीय जहाज़ों पर फ़ायरिंग की गई थी, जिसके कारण इन जहाज़ों को अपना रास्ता बदलना पड़ा था.
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ईरान ने अपने पोर्ट्स पर अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में होर्मुज़ स्ट्रेट को शनिवार को फिर से बंद कर दिया है. इसका असर इलाक़े में जहाज़ों के आवागमन पर स्पष्ट नज़र आने लगा है.
जहाज़ों को ट्रैक करने वाली वेबसाइट मैरीन ट्रैफ़िक से पता चलता है कि फ़िलहाल कोई भी जहाज़ इस समुद्री मार्ग से गुज़र नहीं रहा है, हालाँकि कई जहाज़ खाड़ी के आस-पास, ख़ासकर ओमान और यूएई के तटों के पास लंगर डाले खड़े दिखाई दे रहे हैं.
शनिवार को इस अहम शिपिंग कॉरिडोर से कुछ समुद्री यातायात गुज़रा था. लेकिन जैसे ही ईरान ने इसे फिर से बंद करने का एलान किया, यहाँ ट्रैफ़िक काफ़ी कम हो गया.
शनिवार को कुछ जहाज़ों ने बाताया था कि होर्मुज़ स्ट्रेट को पार करने की कोशिश में उन पर किसी चीज़ से हमला किया गया.
कई जहाज़ों ने बताया कि उन पर किसी चीज़ से हमला किया गया, और शनिवार को एक टैंकर ने बताया कि ईरानी गनबोट्स ने उस पर गोलीबारी की.
शनिवार को ही होर्मुज़ स्ट्रेट में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से दो भारतीय जहाज़ों पर फ़ायरिंग की गई थी, जिसके कारण इन जहाज़ों को अपना रास्ता बदलना पड़ा था.
ईरान जंग शुरू होने से पहले होर्मुज़ स्ट्रेट से दुनिया भर की ऊर्जा (तेल और गैस) सप्लाई का क़रीब 20% गुज़रता था. युद्ध शुरू होने से बाद ईरान ने इसकी नाकेबंदी कर दी और उसके बाद ऊर्जी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और कई देशों में इसकी कमी भी देखी जा रही है.
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कई देशों ने इसके उपयोग को लेकर नियम भी लागू कर दिए हैं.
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राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है. तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर कुछ आंकड़ों का हवाला देते हुए बीजेपी को महिला विरोधी कहा है.
तेजस्वी यादव ने कहा है, "कट्टर महिला विरोधी और झूठे भाजपाई आँख खोल इस सच्चाई को स्वीकार करें और अपने तुलनात्मक आँकड़े जारी करें."
तेजस्वी ने लिखा, "लोकसभा चुनाव 2024 में आरजेडी ने बिहार में सबसे अधिक प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिया. आरजेडी के लोकसभा सांसदों में 25 प्रतिशत महिला हैं."
तेजस्वी यादव ने कहा, "बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भी आरजेडी ने ही सबसे अधिक महिलाओं को टिकट दिया था. बिहार विधानपरिषद में भी दलों में सबसे अधिक 21.4 प्रतिशत महिलाओं का प्रतिनिधित्व आरजेडी में है."
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है. "नकली लोग महिला उत्थान की बात करते हैं."
लोकसभा में शुक्रवार को 131वां संविधान संशोधन बिल पेश हुआ और इस पर वोटिंग हुई, लेकिन यह बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका था.
बीजेपी और एनडीए के नेताओं ने इसके लिए विपक्षी दलों को दोषी ठहराया और उन्हें महिला आरक्षण का विरोधी बताया.
विपक्ष इसे संविधान पर हमला बता रहा है. विपक्ष का आरोप है कि यह महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन के ज़रिए भारत के चुनावी ढांचे को बदलने की कोशिश थी.
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कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया है कि 'वो आधी आबादी के मसीहा बनना चाहते हैं, लेकिन असल में महिला आरक्षण तो मुद्दा ही नहीं है.'
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मोदी सरकार महिला आरक्षण के पीछे छिपकर विभाजनकारी और गैर-लोकतांत्रिक परिसीमन करना चाहती है."
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "महिला आरक्षण बिल हारा नहीं है, वो संविधान का हिस्सा है. साल 2023 में देश के सदन ने उसे सर्वसम्मति से पारित किया है, लेकिन मोदी सरकार ने उसमें शर्तें लगा दी हैं. महिला आरक्षण के रास्ते में रोड़ा अटका रही है."
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल (शनिवार) देश को 29 मिनट तक संबोधित किया, जिसमें 58 बार कांग्रेस का नाम लिया. मतलब हर तीस सेकंड पर पीएम मोदी कांग्रेस के नाम की माला जप रहे थे, मोदी जी का ये डर हमें अच्छा लगा."
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के नाम संबोधन दिया था. इसमें उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पास नहीं होने पर दुख जताया था.
नमस्कार!
अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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बाबर ने पानीपत की लड़ाई में किस तरह से इब्राहीम लोदी को दी थी मात
पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर कांग्रेस और एक्सपर्ट्स क्यों लगा रहे हैं राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप?
दुनिया के 'ख़ास लोग' ईरान युद्ध के असर के बारे में क्या सोचते हैं?
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गुमराह करने का आरोप लगाया है.
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि "प्रधानमंत्री ने ईमानदारी से देश को संबोधित करने के बजाय उसे गुमराह करना चुना."
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "तृणमूल कांग्रेस हमेशा से महिलाओं को राजनीति में ज़्यादा प्रतिनिधित्व देने की पक्षधर रही है."
"हमारे पास संसद और राज्य विधानसभा दोनों में सबसे ज़्यादा महिला प्रतिनिधि हैं. लोकसभा में हमारे 37.9% सदस्य महिलाएं हैं. राज्यसभा में हमने 46% महिला सदस्य नामित की हैं. महिलाओं के आरक्षण का विरोध करने का सवाल ही नहीं उठता और कभी उठा भी नहीं."
ममता बनर्जी ने आगे लिखा, "हमारा असली विरोध डीलिमिटेशन से है, जिसे मोदी सरकार महिलाओं को ढाल बनाकर अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए आगे बढ़ाना चाहती थी. हमारा विरोध संविधान में बदलाव करने, देश को बांटने और सत्ता हथियाने की कोशिश से है, जिसमें डीलिमिटेशन से बीजेपी शासित राज्यों को ज़्यादा प्रतिनिधित्व दिया जाए और बाकी राज्यों को नुकसान पहुंचे. यह संघीय लोकतंत्र पर हमला है."
उन्होंने आगे लिखा, "प्रधानमंत्री जी, अगली बार जब आप देश को संबोधित करें तो संसद के फ़्लोर से करें, जहां आपको सवालों और जवाबदेही का सामना करना पड़े."
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के नाम अपने संबोधन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पास नहीं होने पर दुख जताया था.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल नेटवर्क 'ट्रुथ सोशल' पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें ईरानी शासन के ख़िलाफ़ हुए कथित प्रदर्शनों के दृश्य दिखाए गए हैं.
वीडियो की शुरुआत एक प्रदर्शनकारी से होती है, जो दीवार पर नारा लिखते हुए ट्रंप से मदद मांगता है.
इसके बाद वीडियो में अलग-अलग देशों में ईरानी सरकार के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों की तस्वीरें दिखाई जाती हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने यह वीडियो ऐसे समय में पोस्ट किया है, जब ईरान की ओर से होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर दिया गया है.
हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है, "ईरान के साथ बहुत अच्छी बातचीत चल रही है. लेकिन ईरान को होर्मुज़ स्ट्रेट पर अमेरिका को ब्लैकमेल नहीं होने देंगे."
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इसराइली सेना ने रविवार को बताया कि दक्षिणी लेबनान में झड़पों के दौरान एक और सैनिक की मौत हो गई.
इसके अलावा नौ अन्य इसराइली सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर है.
इसराइली सेना ने कल भी बताया था कि एक सैनिक की मौत हो गई.
यह दक्षिणी लेबनान में इसराइली सैनिक की दूसरी मौत है, जो 10 दिन की युद्धविराम अवधि शुरू होने के बाद हुई है. यह युद्धविराम अमेरिका ने शुक्रवार यानी 17 अप्रैल को घोषित किया था.
एएफ़पी के आंकड़ों के अनुसार, इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच छह हफ़्तों की जंग में मारे गए इसराइली सैनिकों की संख्या 15 हो गई है.
उधर, लेबनान में शांति सैनिकों पर हुए हमले में एक फ़्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई और तीन घायल हुए हैं.
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार को एक एक्स पोस्ट में लेबनान में एक फ़्रांसीसी सैनिक के मारे जाने की सूचना दी.
ये फ़्रांसीसी सैनिक लेबनान में अंतरराष्ट्रीय शांति मिशन के तहत देश के दक्षिणी हिस्से में तैनात था.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हमले की निंदा की है और शुरुआती जांच में पता चला है कि यह हमला ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह की ओर से होने की आशंका है.
हालांकि हिज़्बुल्लाह ने हमले अपना हाथ होने से इनकार किया है. हालांकि उसने लेबनानी सेना और शांति सैनिकों के बीच और अधिक तालमेल पर ज़ोर दिया.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि उनकी ओर से ईरान के साथ अच्छी बातचीत चल रही है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वो ईरान के हाथों अमेरिका को ब्लैकमेल नहीं होने देंगे.
डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ओवल ऑफ़िस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "ईरान के साथ बहुत अच्छी बातचीत चल रही है. लेकिन ईरान को होर्मुज़ स्ट्रेट पर अमेरिका को ब्लैकमेल नहीं होने देंगे."
दरअसल, ईरानी मीडिया में होर्मुज़ स्ट्रेट के बंद होने की ख़बरें आने के बाद कई जहाज़ों ने इस समुद्री रास्ते को छोड़कर अपना मार्ग बदल लिया है.
दूसरी ओर, ईरान के उप विदेश मंत्री सईद ख़ातिबज़ादेह ने कहा है कि ईरान अब तक अमेरिका के साथ अगले दौर की सीधी बातचीत के लिए तैयार नहीं है.
ख़ातिबज़ादेह ने बताया कि अमेरिका अपनी सख़्त शर्तों को छोड़ने को तैयार नहीं है.
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अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा है कि इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के साथ युद्ध में "खींच लिया" है.
कमला हैरिस ने शनिवार को एक फ़ंडरेज़िंग कार्यक्रम में बोलते हुए कहा, "वह (ट्रंप) एक युद्ध में गए, नेतन्याहू ने उन्हें उसमें खींच लिया. वह ऐसे युद्ध में गए जिसे अमेरिकी लोग नहीं चाहते और इससे अमेरिकी सैनिकों की जान ख़तरे में पड़ रही है."
ट्रंप ने हैरिस को सीधे जवाब नहीं दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर इसराइल को अमेरिका का "अच्छा साथी" ज़रूर बताया.
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "लोगों को इसराइल पसंद हो या ना हो, लेकिन उसने साबित किया है कि वह अमेरिका का बहुत अच्छा साथी है."
ट्रंप ने इसराइल के लिए कहा, "उन लोगों से अलग हैं जिन्होंने मुश्किल समय में अपना असली रंग दिखा दिया. इसराइल जमकर लड़ता है और जीतना जानता है."
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रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम के प्रमुख एलेक्सी लिक्हाचेव ने कहा है कि रूस ईरान से संवर्धित यूरेनियम ले जाने में मदद कर सकता है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, यह जानकारी इंडस्ट्रियल पब्लिकेशन "स्ट्राना रोसाटॉम" के टेलीग्राम चैनल पर प्रकाशित हुई.
एलेक्सी ने कहा, "तकनीकी मुश्किलों के अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले भविष्य के समझौते में भरोसे का मुद्दा सबसे अहम है."
उन्होंने आगे कहा, "इस मामले में सिर्फ़ रूस के पास ईरान के साथ अच्छे सहयोग का अनुभव है. 2015 में ईरान के कहने पर हम पहले भी संवर्धित यूरेनियम ले गए थे और आज भी हम इसमें मदद करने के लिए तैयार हैं."
दरअसल, दो दिन पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ समझौता "बहुत नज़दीक" है.
उन्होंने दावा किया कि ईरान ने लगभग 440 किलो संवर्धित यूरेनियम देने पर सहमति जताई है. लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यूरेनियम देने के दावे को नकार दिया.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल की तारीफ़ करते हुए कहा है कि वह उनका "अच्छा साथी है, जो जीतना जानता है."
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "लोगों को इसराइल पसंद हो या ना हो, लेकिन उसने साबित किया है कि वह अमेरिका का बहुत अच्छा साथी है."
ट्रंप ने पोस्ट में इसराइल के लिए लिखा, "वे बहादुर, निडर, वफ़ादार और समझदार हैं. उन लोगों से अलग हैं जिन्होंने मुश्किल समय में अपना असली रंग दिखा दिया. इसराइल जमकर लड़ता है और जीतना जानता है."
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान किया है और क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है.
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