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उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा नहीं हो पाया है. सूत्रों के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी, जनसंपर्क, ऊर्जा समेत कई अहम मंत्रालयों को लेकर अब भी सहमति नहीं बन पाई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर विभागों के बंटवारे और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की थी.
वहीं, शुक्रवार को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुख्यमंत्री योगी के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने भी मुलाकात की. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फिलहाल अपने गृह क्षेत्र गोरखपुर में हैं. मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भी विभागों का आवंटन नहीं होने को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इसे बीजेपी के अंदरूनी मतभेदों और केंद्रीय नेतृत्व की दखलअंदाजी से जोड़कर निशाना साध रहे हैं.
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज कसते हुए लिखा, ‘उप्र में मंत्रियों के नाम के बाद अब क्या उनके विभागों की पर्ची भी ऊपर से आएगी?’ उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रालयों के बंटवारे में देरी की वजह ‘कमीशन और कमाई’ के बंटवारे को लेकर डबल इंजन सरकार के भीतर टकराव है. अखिलेश ने कहा कि नए मंत्री फिलहाल सिर्फ दर्शक बने हुए हैं और जनता सरकार के हर फैसले पर नजर रखेगी.
इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव के शासनकाल में साढ़े तीन मुख्यमंत्री हुआ करते थे. पिता जी मंत्री बदलते थे, चाचा जी मुख्य सचिव और ताऊ जी अधिकारियों को बदलते थे.’ यूपी बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि परिवारवादी दल संगठन की प्रक्रिया नहीं समझते और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं.
वहीं, कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, ‘दिल्ली से पर्ची आई तो मंत्रिमंडल विस्तार हुआ, लेकिन अब खर्ची की पर्ची नहीं आई है, इसलिए विभागों का बंटवारा अटका हुआ है.’ उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सिर्फ दो लोग चला रहे हैं और शीर्ष नेतृत्व की दखलअंदाजी मुख्यमंत्री की स्वायत्तता पर सवाल खड़े करती है. वहीं, अखिलेश यादव की पोस्ट पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने भी तीखा जवाब दिया.
पूर्वांचली अंदाज में लिखे अपने पोस्ट में ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव के परिवार में हाल ही में शोक का माहौल है, इसके बावजूद वह राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ‘तेरहवीं तक रुक जाइए, फिर विचारों की राजनीति कर लेंगे.’ राजभर ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि अगर अखिलेश यादव विभाग चाहते हैं तो सुभासपा जॉइन कर लें, वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लड़कर भी उन्हें मंत्री बनवा देंगे. उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में लिखा, ‘बेगाने मंत्रिमंडल में अखिलेश दीवाना!’
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