भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को बड़ी सफलता मिली है। रक्सौल स्थित मैत्री ब्रिज पर एसएसबी जवानों ने एक नाबालिग लड़की को बचाया और उसके साथ दो संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपिय
जानकारी के अनुसार, नेपाल से भारत की ओर आ रही एक एसयूवी वाहन को एसएसबी जवानों ने जांच के लिए रोका। वाहन में दो युवक और एक नाबालिग लड़की बैठी हुई मिली। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों युवकों ने लड़की को पहचानने से इनकार करते हुए बताया कि उसने रास्ते में लिफ्ट मांगी थी। हालांकि, उनके जवाब संदिग्ध लगने पर मानव तस्करी रोधी इकाई 47वीं वाहिनी ने मामले को गंभीरता से लिया।
प्रतिनिधियों की मदद से लड़की की काउंसलिंग कराई गई इसके बाद प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर और स्वच्छ रक्सौल टीम के प्रतिनिधियों की मदद से लड़की की काउंसलिंग कराई गई। पूछताछ में सामने आया कि आदापुर निवासी सीता कुमारी (परिवर्तित नाम) करीब एक वर्ष पूर्व पारिवारिक कारणों से घर छोड़कर मुजफ्फरपुर चली गई थी। वहां वह बजाज फाइनेंस में काम कर रही थी। इसी दौरान उसकी दोस्ती इंस्टाग्राम के माध्यम से नेपाल के पर्सा जिला निवासी राधा सिंह से हुई थी।
काउंसलिंग में यह भी खुलासा हुआ कि 9 मई 2026 को राधा सिंह ने लड़की को बहला-फुसलाकर रक्सौल बुलाया और नेपाल घुमाने के बहाने अपने साथ ले गई। आगे की जांच में पता चला कि मोतिहारी जिले के त्रिकोलिया थाना क्षेत्र निवासी कृष्ण मोहन और राजू कुमार, राधा सिंह के कहने पर लड़की को नेपाल से भारत ला रहे थे।
मोबाइल कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट और वॉयस रिकॉर्डिंग के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि तीनों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से नाबालिग को गलत इरादे से भारत लाने की साजिश रची थी।
इस बचाव अभियान में एसएसबी के सहायक उप निरीक्षक खेमराज, हवलदार अरविंद द्विवेदी, सिपाही संजय और नीतू कुमारी शामिल रहे। उनके साथ प्रयास संस्था की आरती कुमारी और राज गुप्ता, तथा स्वच्छ रक्सौल के रणजीत सिंह और साबरा खातून ने भी सहयोग किया।
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