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Raxaul Haldia Expressway: रक्सौल–हल्दिया एक्सप्रेसवे बिहार में केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसके लिए मुजफ्फरपुर के 72 गांवों में भूमि …और पढ़ें
Expressway Project Bihar: अगले चरण में मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया शुरू होगी। फाइल फोटो
डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर। Raxaul Haldia Greenfield Expressway: बिहार से बंगाल तक सीधी और तेज़ सड़क कनेक्टिविटी देने वाले रक्सौल–हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत जिले के 72 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। प्रस्तावित एक्सप्रेसवे जिले में करीब 36 किलोमीटर लंबाई में गुजरेगा।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला स्तर पर सामाजिक प्रभाव आंकलन (SIA) से जुड़ी रिपोर्ट तैयार कर सीओ द्वारा एनएचएआई (NHAI) को भेज दी गई है। रिपोर्ट में एक्सप्रेसवे से प्रभावित गांवों, किसानों और रैयतों का विस्तृत ब्योरा शामिल है।
जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित मार्ग जिले के पांच अंचलों से होकर गुजरेगा। इन अंचलों के कुल 72 गांवों में जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता पड़ेगी। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, प्रभावित गांवों की सूची तैयार कर ली गई है और अगले चरण में मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया शुरू होगी।
रक्सौल–हल्दिया एक्सप्रेसवे को ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। एक्सप्रेसवे की चौड़ाई करीब 37 मीटर होगी। यह कॉरिडोर बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र रक्सौल को बंगाल के औद्योगिक और बंदरगाह क्षेत्र हल्दिया से सीधे जोड़ेगा।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण कानूनी प्रावधानों के तहत पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। रैयतों को सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा और अन्य लाभ दिए जाएंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
रक्सौल–हल्दिया एक्सप्रेसवे को बिहार के सड़क नेटवर्क में एक अहम कड़ी माना जा रहा है। इसके निर्माण से राज्य की कनेक्टिविटी न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों से भी मजबूत होगी।