राम मंदिर चढ़ावा चोरी: टिन्नू यादव के हॉस्टल से मिले 20 लाख रुपए, कमरे की तलाशी लेने पहुंची थी पुलिस – AajTak

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अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में पुलिस की जांच में नए खुलासे हो रहे हैं. अब इस मामले में गिरफ्तार आरोपी टिन्नू यादव के हॉस्टल के कमरे से नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई है. टिन्नू यादव और उनके भतीजे मनीष के पास से पुलिस ने करीब 23 लाख रुपए की बरामदगी दिखाई है. 
गुरुवार की देर रात टिन्नू यादव की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार की सुबह पुलिस टिन्नू यादव को लेकर हॉस्टल पहुंची थी. टिन्नू यादव के इस हॉस्टल में दो कमरे में ही तलाशी के दौरान 20 लाख बरामद हुए. 
पुलिस के मुताबिक, टिन्नू यादव का ये हॉस्टल दुर्गापुरी कॉलोनी में है. यहां पुलिस की मौजूदगी में कमरे की तलाशी ली गई. इस दौरान हॉस्टल के दो कमरों से करीब 20 लाख रुपए बरामद किए गए. यह बरामदगी आरोपी की निशानदेही पर हुई. इस पूरी कार्रवाई के दौरान चार पुलिसकर्मी टिन्नू यादव के साथ मौजूद रहे.
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पुलिस का कहना है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव के पास से करीब 23 लाख रुपए बरामद किए जा चुके हैं. इनमें से 20 लाख रुपए हॉस्टल के कमरे से मिले, जबकि बाकी रकम अन्य बरामदगी में शामिल है. फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपी टिन्नू यादव से पूछताछ की जा रही है.
एफआईआर में किन-किन पर लगे आरोप?
रामजन्मभूमि थाने में दर्ज एफआईआर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत मंदिर के चढ़ावे की गिनती के दौरान नकदी और आभूषणों की चोरी को अंजाम दिया. एफआईआर में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत अन्य अज्ञात लोगों के नाम शामिल हैं. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी आरोपों के संबंध में सबूत जुटा रही है.
जांच अब सिर्फ चोरी करने वाले आरोपियों तक सीमित नहीं है. एसआईटी की जांच में मंदिर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं. सूत्रों के मुताबिक, वायरलेस विभाग के रेडियो मेंटेनेंस ऑफिसर (RMO) अर्जुन देव की भूमिका की भी जांच की जा रही है. उन्हें मंदिर के वायरलेस सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी और नोटों की गिनती वाले कक्ष की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई थी. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक हुई या जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाई या नहीं.
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