PoJK Protest: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. रोटी, बिजली, अधिकार और सम्मान की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे लोगों पर कथित तौर पर बल प्रयोग और गोलीबारी की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. इसी मुद्दे को लेकर भारत ने अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को घेरा है.
भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में PoJK के हालात और वहां प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए पाकिस्तान की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं.
UNHRC में भारत ने उठाया रावलाकोट का मामला
यूएनएचआरसी में भारतीय राजनयिक अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में बिगड़ती स्थिति और रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों की मौत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. अपने संबोधन में उन्होंने रावलाकोट में कथित दमन, नागरिकों की मौत और पूरे PoJK में चल रही कार्रवाई का जिक्र किया. भारत ने कहा कि रावलाकोट में जारी त्रासदी, नागरिकों की मौत और पूरे क्षेत्र में चल रहा दमन पाकिस्तान की नीतियों का परिणाम है.
‘रोटी, बिजली और अधिकार मांगने वालों को मिल रही गोलियां’
भारत ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि पाकिस्तान रोटी, बिजली, अधिकार और सम्मान की मांग करने वाले लोगों पर कार्रवाई कर रहा है. अनुपमा सिंह ने कहा कि PoJK के लोग अपनी बुनियादी जरूरतों और अधिकारों की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों का जवाब गोलियों और बल प्रयोग से दिया जा रहा है. भारत का कहना है कि लोगों की जायज मांगों को दबाने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं.
दशकों पुरानी नीतियों को बताया हालात के लिए जिम्मेदार
भारत ने कहा कि सैन्य नियंत्रण, जमीनों पर कब्जा, जनसांख्यिकीय बदलाव और बुनियादी स्वतंत्रताओं से वंचित रखने जैसी नीतियों ने PoJK को आज इस स्थिति में पहुंचा दिया है. भारत ने पाकिस्तान को सलाह देते हुए कहा कि उसे भारतीय क्षेत्रों पर दावा करने के बजाय PoJK के लोगों की समस्याओं का समाधान करने और अपने आंतरिक हालात सुधारने पर ध्यान देना चाहिए.
क्यों उठाया गया यह मुद्दा?
भारत ने यह मामला ऐसे समय उठाया है जब PoJK में विरोध प्रदर्शन और दमन की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. जानकारी के अनुसार, 14 जून को रावलाकोट में पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऑपरेशन चलाया था. जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JKJAAC) के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने ईदगाह स्थल पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए कार्रवाई की.
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गोलीबारी में मौतों और घायलों का दावा
JKJAAC का आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान पाकिस्तानी सेना ने गोलीबारी की, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. संगठन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया गया, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया.
कम्युनिकेशन बंद, जरूरी सामान की कमी का आरोप
JKJAAC ने यह भी दावा किया कि ऑपरेशन के बाद पूरे रावलाकोट में संचार सेवाएं प्रभावित हो गईं और कई क्षेत्रों में कम्युनिकेशन नेटवर्क ठप हो गया. संगठन के अनुसार, खाने-पीने की वस्तुओं और अन्य आवश्यक सामानों की आवाजाही पर लगी पाबंदियों के कारण कई इलाकों में जरूरी वस्तुओं की कमी और गंभीर हो गई है.
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