Feedback
लिवर शरीर का सबसे ताकतवर अंग माना जाता है. यह अगर 70 से 80 फीसदी तक खराब भी हो जाए तो भी इसके रिकवर होने की संभावना रहती है, लेकिन एक ऐसा वायरस है जो अचानक ही लिवर को फेल कर सकता है. इसको हेपेटाइटिस A वायरस (HAV) कहते हैं. यह वायरस आमतौर पर खराब पानी और भोजन के जरिए फैलता है. इससे संक्रमित होने के बाद लिवर में सूजन हो जाती है. अगर समय पर इलाज न मिले तो कुछ लोगों में यह लिवर को काफी नुकसान कर सकता है. यह एक खतरनाक स्थिति होती है. जिसमें मरीज की जान जाने का भी जोखिम होता है.
हेपेटाइटिस ए तेज़ी से फैलने वाला वायरस है. जिन इलाकों में पीने का पानी खराब होता है, वहां इसके फैलने का खतरा होता है. इस वायरस के मामले में चिंता की बात यह है कि अधिकतर लोगों को इसके लक्षण के बारे में पता नहीं होता है. जब स्थिति बिगड़ जाती है तब मरीज अस्पताल जाता है.
कैसे फैलता है हेपेटाइटिस A वायरस
हेपेटाइटिस A वायरस खराब पानी, भोजन और दूसरी दूषित जगहों पर पनपता है. जब कोई व्यक्ति खराब पानी को पीता है या दूषित भोजन करता तो यह वायरस उसके शरीर में चला जाता है. वहां से लिवर में पहुंचकर सूजन करता है. यह वायरस एक से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है. ऐसा आमतौर पर असुरक्षित यौन संबंध से होता है. जिन लोगों के कई यौन साथी होते हैं, या जो पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुष हैं, उनमें इस तरह से फैलने का खतरा अधिक होता है. इसके लक्षण शुरू होने से दो सप्ताह पहले तक व्यक्ति सबसे अधिक संक्रामक होता है. लक्षण दिखने के बाद जोखिम कम हो जाता है. लेकिन लक्षण न होने पर भी आप वायरस फैला सकते हैं.
कितना खतरनाक है यह वायरस
इस बारे में दिल्ली एम्स में Department of Gastroenterology and Human Nutrition विभाग में प्रोफेसर डॉ. शालीमार ने बताया है. वह कहते हैं कि हेपेटाइटिस ए एक खतरनाक संक्रमण है, लेकिन कई लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं होती है. इससे पीड़ित अधिकतर लोगों में संक्रमण होने के दो से छह हफ्ते बाद लक्षण दिखाई देते हैं.
डॉ. शालीमार बताते हैं कि हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि हेपेटाइटिस A अब वयस्कों में एक्यूट लिवर फेलियर का सबसे आम कारण है, जो सभी मामलों में से 30%-40% के लिए ज़िम्मेदार है. ऐसे में इसको हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर लिवर फेल हो जाता है तो इससे मरीज को काफी खतरा हो सकता है. सभी लोगों के लिए यह जरूरी है कि उनको हेपेटाइटिस ए के लक्षणों के बारे में पता हो.
क्या होते हैं हेपेटाइटिस ए के लक्षण
आंखों के सफ़ेद हिस्से का पीला पड़ना (पीलिया)
बुखार
थकान
भूख न लगना
जी मिचलाना और उल्टी आना
पेट में दर्द, खासकर ऊपरी दाईं ओर
दस्त
गहरे रंग का पेशाब
बच्चों में अक्सर नहीं दिखते लक्षण
डॉ शालीमार बताते हैं कि छोटे बच्चों में हेपेटाइटिस A संक्रमण अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के हो सकता है. दो साल से कम उम्र के करीब 85 प्रतिशत संक्रमित बच्चों में पीलिया नहीं होता, जबकि 2 से 5 वर्ष की आयु के लगभग आधे बच्चों में भी बीमारी के स्पष्ट संकेत नहीं दिखते हैं. हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ संक्रमण के लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं.किशोरों और वयस्कों में पीलिया, कमजोरी, भूख न लगना, उल्टी, बुखार और पेट दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.
इस बीमारी का पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट होता है
इस बीमारी का पता लगाने के लिए आपको ब्लड टेस्ट करवाना होगा. यह टेस्ट आपके खून में HAV एंटीबॉडी की जांच करेगा. वायरस के जवाब में आपका इम्यून सिस्टम एंटीबॉडी बनाता है. अगर आपके खून में HAV एंटीबॉडी मिलती हैं, तो आपका डॉक्टर पुष्टि कर सकता है कि आपको हेपेटाइटिस A है.
बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है वैक्सीन
डॉ शालीमार कहते हैं कि इस वायरस से बचाव का सबसे कारगर तरीका हेपेटाइटिस A की वैक्सीन है. भारत में यह टीका बाजार में उपलब्ध होने के बावजूद भी लोगों को इसके बारे में कम जानकारी है. अगर समय पर यह टीका लगवा लें तो इस वायरल संक्रमण से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है. आप अस्पताल में जाकर डॉक्टर की सलाह पर इस वैक्सीन को लगवा सकते हैं.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू