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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला खुलने के बाद मंदिर प्रबंधन और प्रशासन अब अलर्ट मोड में आ गए हैं. राम मंदिर में हर पदाधिकारी, कर्मचारी और सेवादारों से संबंधित सिक्योरिटी प्रोटोकॉल अब सख्त कर दिया गया है. राम मंदिर में अब हर पदाधिकारी, कर्मचारी, और सेवादार की चेकिंग करना, उनकी तलाशी लेना अनिवार्य हो गया है.
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. अब ट्रस्ट के कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और अन्य अधिकृत कर्मियों की प्रवेश करते समय और निकलते समय, दोनों ही समय अनिवार्य तलाशी ली जा रही है. पहले कर्मचारियों को केवल बायोमीट्रिक और फेस रीडिंग के बाद प्रवेश मिल जाता था, लेकिन उनके मंदिर से निकलते समय नियमित तलाशी नहीं होती थी.
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आरोपियों ने इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर चढ़ावे की धनराशि बाहर निकालने की कोशिश की थी. नई व्यवस्था के तहत बायोमीट्रिक और फेस रीडिंग के साथ शारीरिक तलाशी भी अनिवार्य कर दी गई है. ड्यूटी समाप्त होने के बाद परिसर से बाहर निकलते समय भी हर कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी की दोबारा जांच की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कोई ढील नहीं बरती जाएगी.
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मंदिर परिसर के सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. नई सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल बाहरी सुरक्षा मजबूत करना नहीं, बल्कि परिसर में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति की जवाबदेही भी सुनिश्चित करना बताया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में सुरक्षा और निगरानी से जुड़े कुछ और सख्त प्रोटोकॉल भी लागू किए जा सकते हैं.
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