वर्ल्ड अपडेट्स: ट्रम्प ने भारत-पाक संघर्ष को टैरिफ की धमकी से सुलझाने का दावा दोहराया – Dainik Bhaskar

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को टैरिफ की धमकी देकर खत्म कराया। गुरुवार को व्हाइट हाउस में एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइनिंग के दौरान मीडिया से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि दोनों देशों को चेतावनी दी गई थी कि अगर लड़ाई जारी रही तो अमेरिका 200% तक टैरिफ लगाएगा।
ट्रम्प के मुताबिक, इस आर्थिक दबाव के चलते दोनों परमाणु संपन्न देश पीछे हटे और संभावित बड़े युद्ध को टाला गया। उन्होंने कहा कि इस कदम से 30 से 50 मिलियन लोगों की जान बची।
ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कुल 8 युद्ध सुलझाए हैं और कई देशों ने उन्हें इसके लिए धन्यवाद पत्र भेजे।
हालांकि, भारत सरकार ने ट्रम्प के इस दावे को खारिज किया है। भारत के अनुसार, सीजफायर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ, जब पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क किया।
गौरतलब है कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम हुआ। अंतरराष्ट्रीय मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
आंग सान सू ची को हाउस अरेस्ट में शिफ्ट किया गया, सजा में भी कटौती
म्यांमार की पूर्व नेता आंग सान सू ची को जेल से हटाकर हाउस अरेस्ट में भेज दिया गया है। यह फैसला सैन्य सरकार द्वारा सजा में कटौती और आम माफी के तहत लिया गया है। गुरुवार को जारी बयान में राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने कहा कि सू ची अपनी बाकी सजा अब निर्धारित निवास पर पूरी करेंगी।
राज्य मीडिया ने उनकी एक तस्वीर भी जारी की है, जिसमें वे लकड़ी की बेंच पर बैठी नजर आ रही हैं। यह कई सालों बाद उनकी पहली सार्वजनिक तस्वीर है।
सू ची को 2022 में विभिन्न मामलों में कुल 33 साल की सजा सुनाई गई थी। हालिया राहत के बाद उनकी सजा घटकर करीब 18 साल रह गई है, जिसमें अभी 13 साल से ज्यादा सजा बाकी है।
यह फैसला बौद्ध धार्मिक पर्व के मौके पर घोषित आम माफी का हिस्सा है, जिसमें 1519 कैदियों को रिहा किया गया और अन्य कैदियों की सजा में कटौती की गई।
संयुक्त राष्ट्र ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक बताया है। हालांकि, सू ची की कानूनी टीम ने कहा कि उन्हें इस फैसले की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।
गौरतलब है कि 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद आंग सान सू ची को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद से म्यांमार में लगातार हिंसा और अस्थिरता बनी हुई है, जिसमें हजारों लोगों की जान जा चुकी है।
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