तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के लिए बड़ा चुनावी इम्तिहान सामने है। चुनाव आयोग ने सोमवार को राज्य की दो खाली विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान कर दिया। मदुरांतकम और धारापुरम सीट पर 6 अक्टूबर को वोटिंग होगी, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। इन दोनों सीटों पर उपचुनाव की घोषणा के साथ ही चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। TVK भी इन सीटों पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
विजय थलपति की अगुवाई वाली TVK के लिए ये उपचुनाव महज दो विधानसभा सीटों का चुनाव नहीं हैं। पार्टी के लिए यह अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने और विधानसभा में अपनी संख्या बढ़ाने का मौका भी है। इन दोनों सीटों से AIADMK विधायक मरागथम कुमारवेल और पी. सत्यबामा ने विधानसभा से इस्तीफा दिया था। इसके बाद दोनों सीटें खाली हो गई थीं।
मुख्यमंत्री बनने के बाद से विजय थलपति के लिए ये सबसे बड़ा इम्तिहान है। विजय की पार्टी अल्पमत के साथ सत्ता में है। उसे कांग्रेस व अन्य दलों का समर्थन प्राप्त है। इसलिए इन चुनावों को विजय और TVK की पहली बड़ी चुनावी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।
विजय ने राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई है, लेकिन राजनीतिक समर्थन को वोट और जीत में बदलना उनके लिए अलग चुनौती होगी। ऐसे में दोनों सीटों के नतीजे TVK के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं।
विजय ने पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली (ईस्ट)- दो विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ा था। बाद में उन्होंने पेरंबूर सीट अपने पास रखी और तिरुचिरापल्ली (ईस्ट) से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद विधानसभा में TVK की मौजूदा संख्या 107 रह गई है। ऐसे में मदुरांतकम या धारापुरम में जीत पार्टी की संख्या बढ़ा सकती है।
तमिलनाडु में पांच और विधानसभा सीटें इस समय खाली हैं। इनमें पेरुंदुरई, करूर, विरालिमलाई, अंबासमुद्रम और तिरुचिरापल्ली (ईस्ट) शामिल हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने फिलहाल इन पांच सीटों पर उपचुनाव की घोषणा नहीं की है।
पिछले महीने मद्रास हाई कोर्ट ने इन पांच विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव की अधिसूचना जारी करने पर लगी अंतरिम रोक को 8 सितंबर तक बढ़ा दिया था। चुनाव आयोग ने इससे पहले अदालत को बताया था कि इन सीटों पर लंबित चुनाव याचिकाओं का फैसला होने तक वह चुनाव की घोषणा नहीं करेगा। इन सीटों के चुनाव नतीजों को चुनौती देने वाली याचिकाएं अदालत में लंबित हैं, इसलिए रोक अभी बनी हुई है।
मदुरांतकम और धारापुरम में TVK किसे उम्मीदवार बनाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसकी एक वजह यह भी है कि TVK कांग्रेस और वाम दलों के साथ गठबंधन में है। ऐसे में सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन पर होने वाले फैसले पर नजर रहेगी। गठबंधन में शामिल दल अगले विधानसभा चुनाव से पहले अपनी-अपनी चुनावी महत्वाकांक्षाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेंगे।
इन उपचुनावों में TVK अगर किसी एक सीट पर भी जीत हासिल करती है तो इससे पार्टी को तत्काल राजनीतिक बढ़त मिल सकती है। साथ ही गठबंधन के भीतर विजय की स्थिति भी मजबूत हो सकती है। विधानसभा में संख्या बढ़ने से TVK को आगे होने वाले चुनावी मुकाबलों के लिए भी गति मिल सकती है।
अब सबकी नजर उम्मीदवारों के चयन, गठबंधन में सीट बंटवारे और 6 अक्टूबर के मतदान पर होगी। असली सवाल यही है कि विजय की पार्टी अपनी राजनीतिक लोकप्रियता को क्या वास्तविक चुनावी जीत में बदल पाएगी।
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