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वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगुएज गोम्स 3 से 7 जून 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रही हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक …और पढ़ें
वेनेजुएला अंतरिम राष्ट्रपति रोड्रिगुएज गोम्स का भारत दौरा। (रॉयटर्स)
वेनेजुएला राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगुएज गोम्स का भारत दौरा।
भारत-वेनेजुएला के बीच दीर्घकालिक ऊर्जा समझौता संभव।
भारत वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात बढ़ा रहा है।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी एलोइना रोड्रिगुएज गोम्स 3 से 7 जून 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रही हैं। पहले वे 1 जून को इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस समिट में शामिल होने वाली थीं, लेकिन समिट टल जाने के कारण यह यात्रा कार्यकारी रूप में हो रही है।
रोड्रिगुएज गोम्स विदेश मंत्री, अर्थव्यवस्था एवं वित्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संचार एवं सूचना तथा परिवहन मंत्रियों के साथ आ रही हैं, जो बताता है कि भारत के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए वह बेहद गंभीर हैं। वैसे यह उनकी छठी भारत यात्रा होगी।
इसके पहले विदेश मंत्री और उपराष्ट्रपति के तौर पर वह पांच बार भारत आ चुकी हैं। वह सत्य श्री साई बाबा की भक्त हैं और पूर्व में दो बार आंध्र प्रदेश स्थित पुत्तपर्थी (साई बाबा का आश्रम) का दौरा कर चुकी हैं।
बहरहाल, इस बार उनकी इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक ऊर्जा समझौता होने की संभावना बताई जा रही है। वेनेजुएला पर अमेरिकी नियंत्रण समाप्त होने के बाद भारत ने वहां से तेल आयात में भारी वृद्धि कर दी है। पारंपरिक तौर पर भारत वेनेजुएला से तेल खरीदता रहा है लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से इसमें बाधा आती रही है।
पश्चिम एशिया की मौजूदा अस्थिरता और हार्मुज जलडमरू बंदी के कारण रूस के बाद वेनेजुएला का क्रूड तेल की खरीद भारत बढ़ा चुका है। अप्रैल 2026 में भारत ने 1.25 करोड़ बैरल (छह वर्षों में सर्वाधिक) वेनेजुएला से क्रूड आयात किया। मई में यह बढ़कर औसतन 4.17 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया, जिससे वेनेजुएला भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया।
जानकारों के मुताबिक महंगा होने के बावजूद वेनेजुएला भारत के लिए अच्छा विकल्प साबित हो रहा है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर आपूर्ति बाधित है और भारतीय रिफाइनरियां भारी-उच्च सल्फर वाले वेनेजुएला क्रूड को प्रोसेस करने में सक्षम हैं।
यात्रा के दौरान अंतरिम राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय चर्चा करेंगी। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, फॉर्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत बातचीत होगी। भारत सरकार की तेल कंपनियां वेनेजुएला में ऊर्जा क्षेत्र में पहले से ही निवेश करती रही हैं। अब वहां बेहतर माहौल होने से ये कंपनियां वहां निवेश बढ़ाने को इच्छुक हैं।
वेनेजुएला का प्रतिनिधिमंडल भारत के ऊर्जा, फॉर्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों के प्रमुख स्थानों का दौरा करेगा ताकि भारतीय तकनीकी और औद्योगिक क्षमताओं को समझा जा सके और सहयोग के नए अवसर तलाशे जा सकें। इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होने तथा दोनों देशों के बीच विविध क्षेत्रों में गहरे सहयोग की उम्मीद है।