भास्कर संवाददाता| खेतिया
पर्युषण पर्व के दौरान हुई धार्मिक आराधना, तपस्या और प्रवचनों के बाद गुरुवार को भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा निकाली गई। जैन मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु शामिल हुए। भगवान महावीर के जयघोषों और भक्ति गीतों से नगर का माहौल भक्तिमय रहा। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर लयबद्ध होकर झूमते नजर आए। एक-दो-तीन-चार, महावीर स्वामी की जय-जयकार, त्रिशला नंदन वीर की, जय बोलो महावीर की जैसे जयघोषों के बीच शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी।
मार्ग में राहगीर भी कुछ देर रुककर शोभायात्रा देखते रहे। यात्रा पुनः श्री जैन मंदिर पहुंची। वहां भगवान महावीर स्वामी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पर्यूषण के दौरान स्थानक भवन में विराजित संतों के नियमित प्रवचन, सूत्र-वाचन और धार्मिक आराधना का क्रम चला। समाजजनों ने तप, संयम और आत्मचिंतन के साथ धार्मिक गतिविधियों में सहभागिता की।
सामूहिक क्षमापना के माध्यम से आपसी मनमुटाव दूर किया। क्षमा और सौहार्द का संदेश दिया। संतों के प्रवचनों में अहिंसा, क्षमा, आत्मसंयम और सदाचार के महत्व पर जोर दिया गया। अनेक श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार तपस्या तथा धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। पर्व के समापन पर समाजजनों ने भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य, संयम और ‘जियो और जीने दो’ के संदेश को जीवन में अपनाने का संकल्प दोहराया। सहयोग करने वाले समाजजनों तथा सहयोगकर्ताओं के प्रति जैन समाज के विभिन्न संघों ने आभार व्यक्त किया।
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