सत्ता जाने के बाद स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों से पहली बार दूर रहीं ममता, कालीघाट के घर पर भी नहीं फहराया तिरंगा – bengal mamata banerjee absent from independence day events for first time news in hindi – Jagran

ममता बनर्जी इस स्वतंत्रता दिवस पर सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहीं और अपने घर पर भी झंडा नहीं फहराया। करीब चार दशक के राजनीतिक जीवन में यह पहली बार हुआ, जिससे उनकी अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में हालिया विधानसभा चुनाव में करारी हार और लगातार 15 साल की सत्ता से हटने के बाद इस बार स्वतंत्रता दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आईं। इतना ही नहीं, कालीघाट स्थित अपने घर पर भी उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया।
हालांकि, शनिवार सुबह उन्होंने अपने एक्स हैंडल के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। करीब चार दशक के राजनीतिक जीवन में यह पहली बार है जब स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ममता किसी सार्वजनिक कार्यक्रम से दूर रहीं।
युवा कांग्रेस की नेता रहने के समय से ही ममता बनर्जी 14 अगस्त की मध्यरात्रि को अपने घर के पास हाजरा मोड़ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत करती थीं। 2011 में मुख्यमंत्री बनने के बाद भी स्वतंत्रता दिवस से जुड़े उनके कार्यक्रम नियमित रहे।
इस बार तृणमूल कांग्रेस की ओर से तपसिया स्थित पुराने तृणमूल भवन के सामने स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया, जहां पार्टी के प्रवक्ता व विधायक कुणाल घोष ने झंडोत्तोलन किया। वहीं, कालीघाट स्थित ममता के घर पर राज्यसभा के पूर्व सदस्य व ममता के करीबी माने जाने वाले शुभाशीष चक्रवर्ती ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। लेकिन इस पूरे कार्यक्रम में ममता नजर नहीं आईं।
ममता की अनुपस्थिति को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता व विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि उन्हें इसकी वजह की जानकारी नहीं है। दूसरी ओर, तृणमूल के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी समर्थक धड़े के नेता और विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक अखरुज्जमान ने ममता की अनुपस्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस का आयोजन एक उत्सव की तरह है और यह अंदर से आता है। पूर्व मुख्यमंत्री इस दिन सार्वजनिक कार्यक्रम में कहीं क्यों नहीं नजर आईं, इसका जवाब वही बेहतर दे सकती हैं।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के पांच दिन बाद, नौ मई को ममता ने इस बार अपने घर के आंगन में ही रवींद्र जयंती मनाई थी। मुख्यमंत्री रहते 15 अगस्त को उनका पूरा दिन कार्यक्रमों से भरा रहता था। सुबह कोलकाता के रेड रोड पर मुख्य समारोह में शामिल होने के बाद वह शाम को राजभवन भी जाती थीं।
इस बार रेड रोड पर राज्यस्तरीय मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहली बार झंडोत्तोलन किया। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय स्तर के स्वतंत्रता दिवस आयोजनों में भी पहले जैसी सक्रियता नहीं दिखी।
दूसरी ओर भाजपा ने कई स्थानों पर बड़े उत्साह के साथ ध्वजारोहण किया और माकपा के राज्य कार्यालय में विमान बसु तथा मोहम्मद सलीम समेत वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के पूरे राजनीतिक परिदृश्य में ममता बनर्जी की अनुपस्थिति खास तौर पर चर्चा का विषय बनी रही।

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